सोवां में बिजली व्यवस्था को लेकर महापंचायत, अलग फीडर समेत पांच सूत्री मांगों पर आंदोलन की चेतावनी
डुमरांव प्रखंड के सोवां गांव स्थित पावरग्रिड के समक्ष शनिवार को विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित कर अपनी आवाज बुलंद की। महापंचायत की अध्यक्षता डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता कुमार रामावतार ने किया।

__ 10 दिनों का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं होने पर पावरग्रिड में तालाबंदी और बड़े आंदोलन का ऐलान
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव प्रखंड के सोवां गांव स्थित पावरग्रिड के समक्ष शनिवार को विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित कर अपनी आवाज बुलंद की। महापंचायत की अध्यक्षता डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता कुमार रामावतार ने किया। कार्यक्रम में सोवां गांव के बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, किसान, मजदूर और समाजसेवी शामिल हुए।महापंचायत में ग्रामीणों ने बिजली समस्या के समाधान को लेकर पांच सूत्री मांगें रखीं। इनमें सोवां गांव के लिए अलग फीडर की व्यवस्था करने, कम से कम 22 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में 24 घंटे के अंदर नया ट्रांसफार्मर लगाने, गांव की खपत के अनुसार क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाने तथा कृषि लाइन में 16 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।

इस दौरान पावरग्रिड संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजकिशोर यादव उर्फ मास्टर, बीजेन्द्र कुमार, दीपक कुमार, रामकुमार, तेज नारायण और जय किशोर यादव ने मांगों से संबंधित ज्ञापन बिजली विभाग के प्रतिनिधि इंद्रलोक कुमार सिंह और इंद्रजीत कुमार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विभाग को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा के अंदर सोवां गांव का अलग फीडर नहीं बनाया गया तो पावरग्रिड के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और तालाबंदी की जाएगी।महापंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि जब पावरग्रिड निर्माण के लिए किसी पंचायत द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी, तब सोवां पंचायत ने करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन उपलब्ध कराई थी।

उस समय बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि गांव के लिए अलग फीडर बनाया जाएगा और 22 से 23 घंटे बिजली मिलेगी। लेकिन पावरग्रिड बनने के बाद ग्रामीणों के साथ वादाखिलाफी की गई।वहीं, संचालनकर्ता कुमार रामावतार ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क से लेकर पावरग्रिड तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि 10 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।महापंचायत को अशोक कुमार, अभिषेक मेहता, नागेश्वर प्रसाद, शिवजी पासवान (मुखिया प्रतिनिधि), सत्येंद्र कुशवाहा, मकोला यादव, हरेंद्र महतो, मंटू महतो, भोलानाथ कुम्हार, अवध बिहारी यादव, विनोद यादव, संदीप यादव समेत कई लोगों ने संबोधित किया।

