दलदली जमीन ने रोका रास्ता तो बदली रणनीति, नए सिरे से शुरू हुआ आरओबी का पाइलिंग टेस्ट

डुमरांव पश्चिमी रेल फाटक पर प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की राह में आई तकनीकी अड़चन को दूर करने के लिए निर्माण एजेंसी ने अब नई रणनीति अपनाई है। पहले स्थान पर लोड पाइलिंग टेस्ट सफल नहीं होने के बाद करीब 300 मीटर दूर दूसरे स्थान पर दोबारा पाइलिंग टेस्ट शुरू किया गया है।

दलदली जमीन ने रोका रास्ता तो बदली रणनीति, नए सिरे से शुरू हुआ आरओबी का पाइलिंग टेस्ट

__ 34 पेड़ों की कटाई की एनओसी मिली, बिजली तारों को अंडरग्राउंड करने की अड़चन बाकी; विधायक बोले- जल्द दूर होगी बाधा, शहर को जाम से मिलेगी राहत

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव पश्चिमी रेल फाटक पर प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की राह में आई तकनीकी अड़चन को दूर करने के लिए निर्माण एजेंसी ने अब नई रणनीति अपनाई है। पहले स्थान पर लोड पाइलिंग टेस्ट सफल नहीं होने के बाद करीब 300 मीटर दूर दूसरे स्थान पर दोबारा पाइलिंग टेस्ट शुरू किया गया है। नए स्थल पर 750 से 800 टन भार के साथ परीक्षण किया जा रहा है। इससे आरओबी निर्माण के लिए जमीन की वास्तविक क्षमता का आकलन कर मजबूत आधार तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है।दूसरे चरण के पाइलिंग टेस्ट का उद्घाटन रविवार को डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह, राजपरिवार के शिवांग विजय सिंह और मानविजय सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

मौके पर निर्माण एजेंसी लाखों इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सुजीत कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। एजेंसी के अधिकारियों ने अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान मोनू सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद धीरज कुमार, मगन राय, सुमित सिंह और अवधेश यादव समेत कई लोग उपस्थित रहे।बताया गया कि पहले स्थल पर कराए गए लोड पाइलिंग टेस्ट में दलदली मिट्टी बड़ी बाधा बन गई थी। करीब 1000 टन भार दिए जाने के बावजूद पाइल निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थिर नहीं रह सका था। इससे उसकी भार वहन क्षमता संतोषजनक नहीं पाई गई। तकनीकी समीक्षा के बाद निर्माण एजेंसी ने स्थल बदलने का निर्णय लिया। अब दूसरे स्थान पर पाइलिंग टेस्ट के जरिए यह जांच की जा रही है कि आरओबी के भारी ढांचे के लिए जमीन कितनी भार वहन क्षमता रखती है।

इधर, आरओबी निर्माण से जुड़ी एक और बड़ी बाधा भी दूर हो गई है। निर्माण के रास्ते में आने वाले 34 पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग की एनओसी मिल चुकी है। इससे परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद और मजबूत हुई है। हालांकि, बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम अभी लंबित है।विधायक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों से जल्द समन्वय स्थापित कर तारों को अंडरग्राउंड करने की समस्या का समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जो भी अड़चनें हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी बाधाएं समाप्त होने के बाद आरओबी निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। आरओबी बनने से पश्चिमी रेल फाटक पर लगने वाले जाम से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।