प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने डुमरांव में महिला सशक्त पंचायत का दिया संदेश, विकास की धुरी बनेगी आधी आबादी

पंचायती राज विभाग के निर्देश पर रविवार को डुमरांव प्रखंड की सभी 14 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम नुआंव पंचायत में आयोजित हुआ, जहां जिले के प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने एक बच्चे को पल्स पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने डुमरांव में महिला सशक्त पंचायत का दिया संदेश, विकास की धुरी बनेगी आधी आबादी

__ पंचायत विकास दिवस पर नुआंव में हुआ मुख्य आयोजन, महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर

डुमरांव/केटी न्यूज।

पंचायती राज विभाग के निर्देश पर रविवार को डुमरांव प्रखंड की सभी 14 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम नुआंव पंचायत में आयोजित हुआ, जहां जिले के प्रभारी मंत्री नंद किशोर राम ने एक बच्चे को पल्स पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिला हितैषी ग्राम पंचायत की परिकल्पना केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को पंचायत के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, समान अधिकार और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर ही समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। मिशन शक्ति, मिशन पोषण 2.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उज्ज्वला योजना और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा से जोड़ने का काम किया जा रहा है।इस वर्ष पंचायत विकास दिवस का आयोजन स्थानीय सतत विकास लक्ष्य (एलएसडीजी) की नौ थीमों के आधार पर किया जा रहा है। इसकी शुरुआत नौवीं थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" से की गई। नुआंव में लगे शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और महिला अधिकार, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, पोषण एवं रोजगार से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि महिला हितैषी ग्राम पंचायत का मतलब ऐसी पंचायतों का निर्माण करना है, जहां महिलाओं को सुरक्षित माहौल के साथ विकास के हर क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं में महिला सभाओं का आयोजन, सरकारी योजनाओं की आसान पहुंच, बालिकाओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना अभियान की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने बताया कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर ऋण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिए स्थायी समिति का गठन और अलग बजट की व्यवस्था करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

शिविर में महिला जागरूकता रैली, स्वास्थ्य शिविर, कानूनी सहायता, बैंक ऋण अभियान, पोषण आहार वितरण, जनसुनवाई और महिला अधिकारों से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कम लागत अथवा बिना लागत वाली गतिविधियों के माध्यम से पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत की जाएगी।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का सामूहिक प्रसारण भी किया गया। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना, जिसमें आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा क्षमता, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, बीमा योजनाओं और वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया गया।मौके पर नुआंव पंचायत की मुखिया मंजू देवी, एसडीएम राकेश कुमार, डीपीआरओ, डीएसपी, बीडीओ संदीप कुमार पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर बीडीओ ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।