बक्सर शिक्षा विभाग में ‘माफिया राज’ पर विधायक की सख्ती, अब कार्रवाई की तैयारी
केटी न्यूज/बक्सर बक्सर जिला शिक्षा कार्यालय में लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कथित शिक्षा माफियाओं के हस्तक्षेप को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी सख्ती के संकेत मिलने लगे हैं। सदर विधायक आनंद मिश्र ने सोमवार को जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचकर डीईओ संदीप रंजन समेत अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और विभाग में व्याप्त समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग में बाहरी लोगों की दखलअंदाजी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दो बाहरी व्यक्ति अजय सिंह और अरविंद सिंह का कार्यालय में लगातार हस्तक्षेप रहता है। ये लोग अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों पर दबाव बनाकर कथित रूप से धन उगाही करते हैं और विभाग से जुड़े टेंडर व अन्य कार्यों में अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि जो भी इनके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे तरह-तरह से परेशान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि दोनों लोग पहले भी जेल जा चुके हैं और उन्हें कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त होने की बात सामने आई है। ऐसे में शिक्षा विभाग को भयादोहन और दबाव की राजनीति से मुक्त कराने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि विभाग का माहौल साफ हो सके और शिक्षकों को बिना डर के काम करने का अवसर मिल सके।
गौरतलब है कि बक्सर का शिक्षा विभाग लंबे समय से विवादों और आरोपों में घिरा रहा है। कथित शिक्षा माफियाओं के कारण विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। केशव टाइम्स द्वारा भी इस मुद्दे पर लगातार खबरें प्रकाशित की जाती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन का तंत्र अब तक इस गंभीर समस्या पर निर्णायक कार्रवाई नहीं कर पाया है। हालांकि खबर प्रशासन के बाद जिला प्रशासन की तंद्रा टूटी थी तथा गलत तरीके से चयनित हाउसकीपिंग एजेंसी का चयन रद्द कर दिया गया था बावजूद दोषी लोगों पर कार्रवाई अब तक नहीं की जा सकी है।यही वजह है कि विभाग में कथित माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता गया और उनका दबदबा बना रहा।

इस बीच विधायक के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जगी है कि अब शिक्षा विभाग की व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में ठोस पहल हो सकती है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में चल रही कथित माफियागिरी का अंत होगा या फिर पहले की तरह ही उनका प्रभाव बना रहेगा।
विधायक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों के भवन जर्जर होने के कारण उन्हें दूसरे विद्यालयों में मर्ज कर दिया जाता है, जिससे संबंधित पोषण क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उनके निर्धारित पोषण क्षेत्र में ही विद्यालयों का संचालन हो सके।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विधायक की सख्ती के बाद क्या बक्सर के शिक्षा विभाग में व्याप्त कथित माफिया तंत्र पर लगाम लग पाती है या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
