2022 से लापता जितेंद्र का नहीं मिला सुराग, परिजनों ने जांच की उठाई मांग

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के कसिया गांव निवासी जितेंद्र चौधरी के वर्ष 2022 से लापता होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब चार वर्षों से उसका कोई सुराग नहीं मिलने के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और लापता व्यक्ति का पता लगाने की मांग की है।

2022 से लापता जितेंद्र का नहीं मिला सुराग, परिजनों ने जांच की उठाई मांग

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के कसिया गांव निवासी जितेंद्र चौधरी के वर्ष 2022 से लापता होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब चार वर्षों से उसका कोई सुराग नहीं मिलने के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और लापता व्यक्ति का पता लगाने की मांग की है। बुधवार की सुबह जितेंद्र के साले अटांव निवासी लालबाबू चौधरी ने डुमरांव थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया।परिजनों के अनुसार, जितेंद्र का पूर्व में उत्तर प्रदेश से शराब लाकर अवैध कारोबार करने के मामले से जुड़ाव रहा था। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में उसके पकड़े जाने की भी बात सामने आई थी। हालांकि बाद में उसे छुड़ा लिया गया। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से तलाश के बावजूद उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

लालबाबू चौधरी ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जितेंद्र के लापता होने की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है। परिजनों को आशंका है कि उसके गायब होने के पीछे कोई साजिश हो सकती है। हाल में जितेंद्र के घर पर हुई कुर्की की कार्रवाई ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।बताया जाता है कि जितेंद्र की पत्नी फिलहाल अपनी छोटी बहन के साथ रह रही है और सिलाई-बुनाई कर परिवार का खर्च चला रही है। आर्थिक संकट के बीच परिजन लगातार प्रशासन से न्याय और मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लापता व्यक्ति के परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।