महानगर नहीं, मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी - अविनाश दत्त

दत्त क्लासेस का परिसर उस समय उत्सव और प्रेरणा के रंग में रंग गया, जब निदेशक अविनाश दत्त का जन्मदिवस छात्रों ने अपने प्रिय शिक्षक के साथ धूमधाम से मनाया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में यह आयोजन केवल जन्मदिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, आत्मविश्वास और सही दिशा पर एक सार्थक संवाद बन गया।

महानगर नहीं, मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी - अविनाश दत्त

-- छात्रों ने उत्साह से मनाया अविनाश दत्त का जन्मदिवस, बने प्रेरणा के पल

केटी न्यूज/बक्सर

दत्त क्लासेस का परिसर उस समय उत्सव और प्रेरणा के रंग में रंग गया, जब निदेशक अविनाश दत्त का जन्मदिवस छात्रों ने अपने प्रिय शिक्षक के साथ धूमधाम से मनाया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में यह आयोजन केवल जन्मदिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, आत्मविश्वास और सही दिशा पर एक सार्थक संवाद बन गया।छात्रों को संबोधित करते हुए अविनाश दत्त ने परंपरागत सोच को चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए महानगरों का रुख करना अनिवार्य नहीं है।

आज के दौर में इंटरनेट, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर संचार व्यवस्था ने गांव-कस्बों के छात्रों को भी वही अवसर उपलब्ध करा दिए हैं, जो बड़े शहरों में मिलते हैं। जरूरत है तो केवल सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास की।उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से न करें। हर बच्चा अपनी क्षमता और गति से आगे बढ़ता है, तुलना और दबाव से उसका मनोबल टूट सकता है। सही प्रोत्साहन और सकारात्मक माहौल ही उसकी असली ताकत बनता है।

इस अवसर पर दत्त क्लासेस के छात्रों की उपलब्धियों का भी जिक्र हुआ। सीबीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में अमित, शिक्षा और हर्षित द्वारा 100 में 96 व 95 अंक प्राप्त करना जिले के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। इन सफलताओं ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और सही दिशा हो तो छोटे शहरों से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने केक काटकर अपने शिक्षक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।