कवयित्री डॉ. मीरा सिंह मीरा की बाल कविता संग्रह को भोपाल में मिला पुरस्कार

मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है..., पंक्तियों को चरितार्थ करती हैं चर्चित कवयित्री मीरा सिंह मीरा। उनकी बाल कविता संग्रह को भोपाल में पुरस्कार मिला है।

कवयित्री डॉ. मीरा सिंह मीरा की बाल कविता संग्रह को भोपाल में मिला पुरस्कार

केटी न्यूज/डुमरांव  

मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है..., पंक्तियों को चरितार्थ करती हैं चर्चित कवयित्री मीरा सिंह मीरा। उनकी बाल कविता संग्रह को भोपाल में पुरस्कार मिला है।

गौरतलब हो कि असाहित्यिक माहौल में रहकर सतत साहित्य सृजन करना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल कार्य आवश्यक है। बात अगर महिला कामकाजी सृजनधर्मी की हो तो, असंभव ही लगता है। परंतु कहते हैं इच्छा शक्ति के आगे सब अवरोध बौने पड़ जाते हैं। शिक्षिका, साहित्यकार व कवयित्री मीरा इसकी बेहतर उदाहरण हैं। 

वयस्क साहित्य के साथ बाल साहित्य पर भी इनकी अच्छी पकड़ है, कलम के माध्यम से राष्ट्रीय साहित्याकाश में अपनी विशेष पहचान बनाने में सफल रहीं हैं। दो मार्च 2025 को मध्य प्रदेश की राजधानी षोपाल में आयोजित हिंदी लेखिका संघ का 30 वां वार्षिक कीर्ति पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 2024 -25 में, जो पंडित रविशंकर शुक्ला सभागार हिंदी भवन में आयोजित था।

इनकी बाल कविता संग्रह बच्चों की दुनिया को सुषमा तिवारी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए नामित था। व्यक्तिगत कारणों से उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाई थी। संस्था की प्रांताध्यक्षा डॉ. कुंमकुम गुप्ता ने पुरस्कार राशि ऑनलाइन के माध्यम से और अंग वस्त्र के रूप में शॉल, माला एवं स्मृति चिन्ह पार्सल के द्वारा उन्हें प्राप्त हुआ।

सम्मानित होने वाले अन्य साहित्यकारों में अनीता तिवारी, मनोरमा श्रीवास्तव, निरूपा खरे, नीना छिब्बर, बबीता लोधी, इंजीनियर आशा शर्मा, ज्योत्स्ना कपिल इत्यादि रहीं।