नावानगर सेज पर बढ़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल, सोमवार को सीएम करेंगे निरीक्षण
नावानगर में बन रहे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (सेज) अब सिर्फ औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता का केंद्र बन गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नावानगर पहुंच 109 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा 125 एकड़ का यह सेज का निरीक्षण करेंगे।
-- पूर्व संध्या पर डीएम-एसपी ने लिया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण, दिए कई आवश्यक निर्देश
-- 11.05 बजे हेलीपैड पर उतरेंगे सीएम, 25 मीनट में सेज व अभ्यारण क्षेत्र का करेंगे निरीक्षण, हेलीकॉप्टर से लेंगे बक्सर में निर्माणाधीन पुल का जायजा
केटी न्यूज/नावानगर
नावानगर में बन रहे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (सेज) अब सिर्फ औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता का केंद्र बन गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नावानगर पहुंच 109 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा 125 एकड़ का यह सेज का निरीक्षण करेंगे।इसको लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारी लगभग पूरी कर लिया है। सीएम के निरीक्षण के बाद यह सेज अगले चरण में प्रवेश करेगा। सीएम का दौरा संकेत है कि राज्य सरकार इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कर इसे बिहार के बड़े उद्योग हब के रूप में स्थापित करना चाहती है।

प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद औद्योगिक माहौल को गति देने के लिए नावानगर सेज को मॉडल प्रोजेक्ट की तरह आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले से मौजूद बड़ी कंपनियों, कोका-कोला, वरुण बेवरेज और इथेनॉल प्लांट ने इलाके को मजबूत औद्योगिक आधार दिया है।अब सेज की सक्रियता से 25-30 नई फैक्ट्रियों की स्वीकृति का रास्ता साफ होगा। इससे पूरे बक्सर जिले का औद्योगिक मानचित्र बदलने की संभावना है।सरकार की योजना न सिर्फ उद्योग लगाने की है, बल्कि निवेशकों को सीधे प्रशासनिक पहुंच देने की भी है। इसी कड़ी में ‘उद्योग वार्ता’ जैसी अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत मुख्य सचिव हर गुरुवार बिना अपॉइंटमेंट के उद्यमियों की शिकायतें सुनेंगे।

सीएम का निरीक्षण इस व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के रूप में भी देखा जा रहा है, ताकि निवेश से जुड़ी बाधाओं को मौके पर ही खत्म किया जा सके। स्थानीय स्तर पर सेज को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, क्योंकि इसके बाद रोजगार, आवागमन, बाजार और आवास सुविधाओं में तेज बदलाव की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों से शहरों की ओर जाने वाले युवाओं के लिए यह परियोजना बड़ा अवसर साबित हो सकती है। प्रगतिशील किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो नावानगर आने वाले समय में बिहार का उभरता औद्योगिक केंद्र बनकर सामने आएगा।सीएम का सोमवार का दौरा इस पूरे प्रोजेक्ट की दिशा और गति तय करने वाला माना जा रहा है। स्थानीय लोग इसे क्षेत्रीय विकास की ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

-- डीएम-एसपी ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा
रविवार को जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह व एसपी शुभम आर्य के साथ ही जिला व अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों को परखा। इस दौरान हेलीपैड निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, खासकर मुख्यमंत्री के परिभ्रमण वाले इलाके की सुरक्षा आदि को परखा गया।जिलाधिकारी व एसपी ने मातहतों को कई आवश्यक निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी भी दी कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान किसी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार, एसडीपीओ पोलत्स कुमार, डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे।

-- 11.05 बजे पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार की सुबह 11.05 बजे नावानगर में बनाए गए हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वे सीधे नावानगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाईयों का भ्रमण व निरीक्षण के साथ ही सेज क्षेत्र को भी परेखेंगे। वहीं, 11.25 बजे वे नावानगर में दुर्लभ काले हिरणों के संरक्षण के लिए बनाए गए अभ्यारण का निरीक्षण करेंगे। वे 11.30 बजे हेलिकॉप्टर से रवाना होंगे। इस दौरान हेलिकॉप्टर से ही बक्सर में गंगा नदी पर बनाए जा रहे नये पुल का निरीक्षण कर पटना लौट जाएंगे।
