नई तकनीक से खेती में क्रांति की तैयारी
बदलते दौर में खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में बक्सर में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी किसानों के लिए नई संभावनाओं का मंच साबित हुआ। बाजार समिति प्रांगण में आयोजित इस मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस रहा। आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से किया गया।
__ किसान मेले में ड्रोन, हाइड्रोपोनिक्स व प्राकृतिक खेती पर जोर, उत्कृष्ट उत्पादों को मिला सम्मान
केटी न्यूज/बक्सर
बदलते दौर में खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में बक्सर में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी किसानों के लिए नई संभावनाओं का मंच साबित हुआ। बाजार समिति प्रांगण में आयोजित इस मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस रहा। आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से किया गया।जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव, ड्रीप इरिगेशन, फ्रंट लाइन डेमोन्स्ट्रेशन तथा हाइड्रोपोनिक्स जैसी तकनीकें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने में सहायक हैं। आत्मा द्वारा किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाने की योजना भी साझा की गई। सीमैप, लखनऊ तथा भारतीय बीज अनुसंधान संस्थान, मऊ जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए इच्छुक किसान संबंधित प्रखंड के बीटीएम और एटीएम से संपर्क कर सकते हैं।मेले की खास आकर्षण फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी रही, जिसमें किसानों ने अपनी उत्कृष्ट उपज का प्रदर्शन किया। विभिन्न वर्गों में श्रेष्ठ उत्पाद लाने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।

सब्जी वर्ग में अंकित कुमार सिंह प्रथम रहे, जबकि मशरूम, फल और अनाज वर्ग में भी किसानों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर पुरस्कार हासिल किए। विशेष वर्ग में भी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।आत्मा की ओर से प्राकृतिक खेती और समेकित कीट प्रबंधन का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और स्वास्थ्य तीनों सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने कहा कि समेकित कीट प्रबंधन से फसलों की सुरक्षा के साथ लागत में भी कमी आती है।

मेले में कृषि से जुड़े विविध स्टॉलों ने किसानों का ध्यान आकर्षित किया। एफपीओ द्वारा स्ट्रॉबेरी, मशरूम, जैविक उत्पाद और देशी गुड़ का प्रदर्शन किया गया, वहीं आधुनिक कृषि यंत्र, मधु उत्पादन, मोती की खेती और पराली पैकेट जैसे नवाचारों ने किसानों को नई दिशा दिखाई। जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा छह लाभुकों के बीच आईस बॉक्स और जाल का वितरण भी किया गया, जिससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, आत्माकर्मियों और प्रशिक्षित किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। समन्वयक रघुकुल तिलक के निर्देशन में आयोजित यह मेला किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रोत्साहन का प्रभावी मंच बनकर उभरा।

