संतोषी सिनेमा पर कार्रवाई के बाद उठे सवाल: क्या अब डुमरांव के अन्य जुआ व गेसिंग अड्डों पर भी चलेगा पुलिस का डंडा
बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल में बुधवार की रात पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद अब पूरे डुमरांव में जुआ और गेसिंग के धंधे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शहर के लोगों का कहना है कि संतोषी सिनेमा में हुई छापेमारी सराहनीय कदम है, लेकिन यदि पुलिस का अभियान केवल एक स्थान तक सीमित रह गया तो इसका कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा।

__ शहर के कई इलाकों में वर्षों से सक्रिय बताए जाते हैं जुआ और गेसिंग के नेटवर्क, लोगों ने लगातार अभियान चलाकर बड़े खिलाड़ियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
केटी न्यूज/डुमरांव।
बंद पड़े संतोषी सिनेमा हॉल में बुधवार की रात पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद अब पूरे डुमरांव में जुआ और गेसिंग के धंधे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शहर के लोगों का कहना है कि संतोषी सिनेमा में हुई छापेमारी सराहनीय कदम है, लेकिन यदि पुलिस का अभियान केवल एक स्थान तक सीमित रह गया तो इसका कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि क्या पुलिस शहर के अन्य इलाकों में वर्षों से संचालित बताए जा रहे जुआ और गेसिंग के अड्डों पर भी इसी तरह कार्रवाई करेगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि डुमरांव में जुआ और गेसिंग का कारोबार कोई नई बात नहीं है। लंबे समय से शहर के विभिन्न इलाकों में इस तरह की गतिविधियों की चर्चा होती रही है। समय-समय पर छोटे स्तर पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन अवैध कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।

यही कारण है कि पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि अब इस पूरे नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई हो सकती है।जानकारों का मानना है कि जुआ और गेसिंग का यह अवैध धंधा केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय भी है। इस लत के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में फंस चुके हैं। बड़ी रकम हारने के बाद अनेक लोगों की पारिवारिक स्थिति बिगड़ी है, जबकि युवा वर्ग भी जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस गलत रास्ते की ओर आकर्षित हो रहा है। इससे आर्थिक शोषण के साथ-साथ सामाजिक अपराधों की आशंका भी बढ़ती है।शहर के सभ्रांत नागरिकों का कहना है कि पुलिस को एक-दो दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

बल्कि लगातार अभियान चलाकर जुआ और गेसिंग के सभी ठिकानों की पहचान कर वहां छापेमारी करनी चाहिए। लोगों का मानना है कि केवल छोटे खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित करने वाले बड़े सरगनाओं और आर्थिक लाभ उठाने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।बुधवार की कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि पुलिस चाह ले तो बड़े से बड़े अवैध अड्डे का भी पर्दाफाश कर सकती है। अब शहरवासियों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि अभियान लगातार जारी रहा तो डुमरांव को जुआ और गेसिंग के अवैध नेटवर्क से काफी हद तक मुक्त कराया जा सकता है।

