किसानों तक योजनाओं की पहुंच बनाने में अहम भूमिका, सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार को सम्मानपूर्वक विदाई

किसानों के बीच रहकर कृषि विभाग की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने और कृषि विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सिकरौल पंचायत के सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार को शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी गई। प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह में विभागीय अधिकारियों व कर्मियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की और स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

किसानों तक योजनाओं की पहुंच बनाने में अहम भूमिका, सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार को सम्मानपूर्वक विदाई

केटी न्यूज/चौसा।

किसानों के बीच रहकर कृषि विभाग की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने और कृषि विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सिकरौल पंचायत के सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार को शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी गई। प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह में विभागीय अधिकारियों व कर्मियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की और स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।समारोह की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार ने अपने सेवाकाल के दौरान पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किसानों के बीच काम किया। किसानों की समस्याओं को समझने, उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और योजनाओं का लाभ दिलाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही।

__उनकी कार्यशैली और व्यवहार से विभाग को भी काफी लाभ मिला।

कृषि समन्वयक शशिभूषण सिंह ने कहा कि विभागीय योजनाओं को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने में सेवानिवृत्त कृषि सलाहकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने अनुभव और जिम्मेदारी के बूते किसानों तथा विभाग के बीच बेहतर समन्वय कायम किया। प्रमोद कुमार सिंह ने उनके सरल स्वभाव और कार्य के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका अनुभव लंबे समय तक सहकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रमोद कुमार राय और रमेश सिंह ने भी उनके कार्यकाल को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अमृता सिंह, सहायक तकनीकी प्रबंधक जितेंद्र कुमार मौर्य, किसान सलाहकार रामाकांत राम, विजेंद्र ठाकुर, रीना, संजय कुमार, दीनबंधु, मनोज कुमार समेत कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। अंत में पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर उन्हें सम्मानित किया गया।