जनसुनवाई में राजस्व मामलों की भरमार, 42 शिकायतों पर डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बिहार सरकार के सात निश्चय-03 के अंतर्गत संचालित "सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम के तहत सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जन सुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी साहिला के समक्ष रखीं। इस दौरान राजस्व संबंधी मामलों का दबदबा देखने को मिला।

__ सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत आयोजित जन सुनवाई में विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे फरियादी, समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन का दिलाया भरोसा
केटी न्यूज/बक्सर
बिहार सरकार के सात निश्चय-03 के अंतर्गत संचालित "सबका सम्मान-जीवन आसान" कार्यक्रम के तहत सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जन सुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी साहिला के समक्ष रखीं। इस दौरान राजस्व संबंधी मामलों का दबदबा देखने को मिला। कुल प्राप्त 42 आवेदनों में 20 आवेदन अकेले राजस्व विभाग से जुड़े रहे, जबकि 10 आवेदन विकास योजनाओं एवं 12 अन्य विभागों से संबंधित थे।जन सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक आवेदक की बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी मामलों की तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदन का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायोचित तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।कार्यक्रम में समाहरणालय सभाकक्ष से जिलाधिकारी ने स्वयं जन शिकायतें सुनीं, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। इससे विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया गया।जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए तथा जटिल मामलों में नियमानुसार कार्रवाई कर आवेदकों को निर्धारित समय के भीतर प्रगति से अवगत कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। जन सुनवाई जैसी पहल प्रशासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने और शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित राहत उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

