सड़क पर दौड़ी सुरक्षा की सीख, बक्सर में मिनी मैराथन बना जागरूकता का मंच
सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बक्सर में एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। खेल विभाग, बिहार सरकार एवं परिवहन विभाग बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर “सड़क सुरक्षा अभियान सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” थीम पर मिनी मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
-- सड़क सुरक्षा माह के तहत खेल व परिवहन विभाग की अनोखी पहल, अधिकारियों ने भी बढ़ाया हौसला
केटी न्यूज/बक्सर
सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बक्सर में एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। खेल विभाग, बिहार सरकार एवं परिवहन विभाग बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर “सड़क सुरक्षा अभियान सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” थीम पर मिनी मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।यह जागरूकता दौड़ किला मैदान, बक्सर से प्रारंभ होकर विश्वामित्र मार्ग, चरित्रवन मोड़ होते हुए हनुमान मंदिर के पास स्थित डीआरसीसी, बक्सर में संपन्न हुई। मैराथन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का पालन न सिर्फ ज़रूरी है, बल्कि यह जीवन रक्षा का सबसे सशक्त माध्यम भी है।

-- जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी, दौड़ी जागरूकता की लहर
मिनी मैराथन को जिलाधिकारी साहिला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करें।

-- अधिकारियों और मीडिया की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर अपर समाहर्ता बक्सर, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, वरीय उपसमाहर्ता सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। खास बात यह रही कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी मैराथन में भाग लेकर सड़क सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई।

-- हर्षाेल्लास के साथ दौड़ी सुरक्षा की मुहिम
मिनी मैराथन में शामिल प्रतिभागियों और अधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे मार्ग में “सड़क सुरक्षित तो जीवन सुरक्षित” जैसे नारों के साथ वातावरण जागरूकता से सराबोर रहा। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब प्रशासन और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो बदलाव की रफ्तार तेज़ हो जाती है।
