डुमरांव के सौरभ ने रचा अकादमिक कीर्तिमान, जर्मनी तक पहुंचा शोध का सफर

प्रतिभा अगर लक्ष्य के साथ आगे बढ़े तो सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। डुमरांव के हरिजी के हाता निवासी डॉ. बीएल प्रवीण के पुत्र कुमार सौरभ ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और शोध क्षमता के बल पर ऐसी ही उपलब्धि हासिल की है।

डुमरांव के सौरभ ने रचा अकादमिक कीर्तिमान, जर्मनी तक पहुंचा शोध का सफर

__ थ्रेट मॉडलिंग और अटैक पाथ एनालिसिस पर शोध के लिए ट्रिपल आईटी इलाहाबाद ने प्रदान की पीएचडी की उपाधि, बेनेट यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं कार्यरत

केटी न्यूज/डुमरांव।

प्रतिभा अगर लक्ष्य के साथ आगे बढ़े तो सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। डुमरांव के हरिजी के हाता निवासी डॉ. बीएल प्रवीण के पुत्र कुमार सौरभ ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और शोध क्षमता के बल पर ऐसी ही उपलब्धि हासिल की है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) इलाहाबाद ने उन्हें कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े महत्वपूर्ण शोध के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। 12 सितंबर को मिली इस उपाधि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।कुमार सौरभ ने ‘थ्रेट मॉडलिंग, अटैक पाथ एनालिसिस एंड डिटेक्शन टेक्निक फॉर आईआईओटी सिस्टम’ विषय पर शोध किया। उनका शोध औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स सिस्टम में संभावित साइबर खतरों की पहचान, हमले के संभावित रास्तों के विश्लेषण और उनके पता लगाने की तकनीकों पर केंद्रित रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा के बदलते दौर में शोध के विषय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

__ स्कूली दौर से दिखी प्रतिभा

कुमार सौरभ की मेधा की झलक उनके स्कूली जीवन में ही मिल गई थी। डुमरांव के सीपीएस स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के दौरान विद्यालय स्तर पर विज्ञान के प्रति उनकी रुचि और प्रतिभा को देखते हुए उनका चयन जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए किया गया। इसके बाद बक्सर जिले से राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए सरकारी विद्यालयों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर उनका चयन हुआ।मैट्रिक के बाद उन्होंने वाराणसी से इंटर की पढ़ाई की। इसके बाद पंजाब के पोसेवाल स्थित ट्रिपल आईटी से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक के बाद गेट की परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने ट्रिपल आईटी इलाहाबाद में एमटेक में दाखिला लिया। एमटेक पूरा करने के बाद उन्होंने इसी संस्थान में शोध कार्य शुरू किया और अंततः पीएचडी की उपाधि हासिल की।

__ शोध के लिए जर्मनी भेजे गए, आईआईटी कानपुर में भी किया काम

पीएचडी के दौरान उनके शोध और प्रतिभा को देखते हुए संस्थान की ओर से उन्हें शोध कार्य के सिलसिले में जर्मनी भेजा गया। इसके अलावा आईआईटी कानपुर में करीब एक वर्ष तक रिसर्च इंजीनियर के रूप में कार्य करने का अवसर भी मिला। अकादमिक और शोध के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते हुए कुमार सौरभ वर्तमान में बेनेट यूनिवर्सिटी (द टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।कुमार सौरभ की इस उपलब्धि को लेकर परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। डुमरांव से निकलकर उच्च शिक्षा, शोध और अध्यापन के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी उपलब्धि मानी जा रही है।