स्कूली बच्चों को दी जाएगी फाइलेरिया-रोधी दवा, खाली पेट न लेने की हिदायत
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 25 से 27 फरवरी तक फाइलेरिया-रोधी दवा का वितरण किया जाएगा। यह अभियान हाथीपांव जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसठ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों से अपील की है कि वे विद्यालयों में बच्चों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।
केटी न्यूज/केसठ।
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 25 से 27 फरवरी तक फाइलेरिया-रोधी दवा का वितरण किया जाएगा। यह अभियान हाथीपांव जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसठ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों से अपील की है कि वे विद्यालयों में बच्चों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बच्चों को दवा खाली पेट नहीं दी जाएगी। दवा भोजन के बाद ही खिलाई जाएगी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को अपने सामने दवा खिलाएंगे।चिकित्सकों के अनुसार फाइलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है और समय पर इलाज न होने पर हाथीपांव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए सामूहिक दवा सेवन से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को दवा सेवन के लिए प्रोत्साहित करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। अभियान की सफलता से क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।

