Monday, 2 November 2026
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गंगाजल लेकर 30 किमी चले शिवभक्त, बरमेश्वर नाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बरमेश्वर नाथ की नगरी ब्रह्मपुर आस्था, भक्ति और शिवमय वातावरण से सराबोर रही। उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट बक्सर से गंगाजल लेकर करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए एक लाख से अधिक शिवभक्त ब्रह्मपुर पहुंचे और बाबा बरमेश्वर नाथ का जलाभिषेक कर मंगलकामना की।

गंगाजल लेकर 30 किमी चले शिवभक्त, बरमेश्वर नाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

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गंगाजल लेकर 30 किमी चले शिवभक्त, बरमेश्वर नाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

__ सावन की पहली सोमवारी पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, बक्सर से 

__ ब्रह्मपुर तक गूंजता रहा ‘हर-हर महादेव’; भक्ति के रंग में रंगी रही बाबा बरमेश्वर नाथ की नगरी

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बरमेश्वर नाथ की नगरी ब्रह्मपुर आस्था, भक्ति और शिवमय वातावरण से सराबोर रही। उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट बक्सर से गंगाजल लेकर करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए एक लाख से अधिक शिवभक्त ब्रह्मपुर पहुंचे और बाबा बरमेश्वर नाथ का जलाभिषेक कर मंगलकामना की। कंधे पर कांवर, जुबां पर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ कांवरियों का कारवां जैसे-जैसे ब्रह्मपुर की ओर बढ़ता गया, पूरा मार्ग भगवा रंग में रंगता चला गया।सावन की पहली सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर में आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मंदिर समिति द्वारा तड़के बाबा बरमेश्वर नाथ का विशेष जलाभिषेक, भव्य श्रृंगार और मंगला आरती संपन्न कराई गई। इसके बाद डुमरांव एसडीएम राजीव कुमार, डीएसपी पोलस्त कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर लगी लंबी कतार देर शाम तक बनी रही।

गंगाजल लेकर 30 किमी चले शिवभक्त, बरमेश्वर नाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

__ व्यवस्था संभालने में जुटा रहा पूरा प्रशासन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए थे। दो नियंत्रण कक्षों से व्यवस्था की निगरानी की जा रही थी। सीओ सिमरी भगवती शंकर पांडेय लगातार माइकिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक निर्देश देते रहे। चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहे, जबकि सीसीटीवी कैमरों से मंदिर परिसर की निगरानी होती रही।यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 12 ड्रॉप गेट बनाए गए थे। वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई। शिवगंगा सरोवर में बैरिकेडिंग के साथ एसडीआरएफ की टीम तैनात रही। चिकित्सा टीम और मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सेवा में दिनभर जुटे रहे। एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि प्रशासन का पूरा ध्यान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर रहा।

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__ ब्रह्मा की तपोभूमि से जुड़ी है बरमेश्वर नाथ की मान्यता

पंडित रंगनाथ पांडेय एवं चिंताहरण पांडेय के अनुसार बाबा बरमेश्वर नाथ धाम का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। मान्यता है कि यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान ब्रह्मा ने की थी। इसी कारण इस क्षेत्र का नाम ब्रह्मपुर पड़ा। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है कि सावन में बक्सर से गंगाजल लेकर पैदल पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति व आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।

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