स्टेशन रोड पर ‘मरम्मत’ बनी मुसीबत, गड्ढों ने बढ़ाया जाम—प्रशासन नाकाम

शहर के व्यस्ततम स्टेशन रोड पर एनएच-120 की मरम्मत कार्य ने राहत देने के बजाय लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। सड़क की जर्जर हालत सुधारने के नाम पर जगह-जगह खोदे गए गड्ढों ने पूरे इलाके को जाम के जाल में फंसा दिया है। हालात यह हैं कि सुबह से लेकर देर रात तक यातायात रेंगता रहता है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।

स्टेशन रोड पर ‘मरम्मत’ बनी मुसीबत, गड्ढों ने बढ़ाया जाम—प्रशासन नाकाम

__ आठ माह बाद शुरू हुआ काम भी अधूरा, स्कूली बच्चे से लेकर आमजन तक परेशान

केटी न्यूज/डुमरांव।

शहर के व्यस्ततम स्टेशन रोड पर एनएच-120 की मरम्मत कार्य ने राहत देने के बजाय लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। सड़क की जर्जर हालत सुधारने के नाम पर जगह-जगह खोदे गए गड्ढों ने पूरे इलाके को जाम के जाल में फंसा दिया है। हालात यह हैं कि सुबह से लेकर देर रात तक यातायात रेंगता रहता है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।जानकारी के अनुसार मां डुमरेजिन मंदिर गेट से लेकर पुराना भोजपुर तक सड़क मरम्मत के लिए करीब आठ माह पहले ही 1 करोड़ 31 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी थी। बावजूद इसके कार्य समय पर शुरू नहीं किया गया। विगत एक माह से काम शुरू तो हुआ, लेकिन वह भी रुक-रुक कर और अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।

कई स्थानों पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, जिससे सड़क संकरी हो गई है और जाम की स्थिति और भयावह हो गई है।बुधवार को स्थिति और भी गंभीर दिखी। सुबह होते ही एनएच-120 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। कई अभिभावकों को मजबूरन अपने बच्चों को निजी वाहनों से स्कूल छोड़ने जाना पड़ा।अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के समय पर प्रशासन को विशेष निगरानी करनी चाहिए ताकि बच्चों को परेशानी न हो। उनका आरोप है कि मरम्मत कार्य की सही मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।

लोगों को उम्मीद थी कि सड़क बनने के बाद जाम से राहत मिलेगी, लेकिन वर्तमान हालात ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आधा दर्जन से अधिक जगहों पर गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, लेकिन वहां नियमित रूप से काम नहीं हो रहा है। इससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। अगर यही स्थिति बनी रही तो अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना बंद करने को मजबूर हो सकते हैं।शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मरम्मत कार्य को जल्द और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जाए तथा जाम से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।