सिमरी में सुशीला देवी फिर बनीं प्रखंड प्रमुख, गायत्री देवी उप प्रमुख

सिमरी प्रखंड में लगभग 22 महीने से लंबित चल रहे प्रमुख और उप प्रमुख के चुनाव का बुधवार को आखिरकार समाधान हो गया। डुमरांव अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में दोपहर 2 बजे शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण वातावरण में पूरी की गई। इस चुनाव में किसी भी पद के लिए प्रतिद्वंद्वी का नामांकन नहीं आने के कारण सुशीला देवी को निर्विरोध प्रखंड प्रमुख तथा गायत्री देवी को निर्विरोध उप प्रमुख घोषित किया गया। चुनाव की घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा और समर्थकों के चेहरे खिल उठे।

सिमरी में सुशीला देवी फिर बनीं प्रखंड प्रमुख, गायत्री देवी उप प्रमुख

केटी न्यूज/सिमरी

सिमरी प्रखंड में लगभग 22 महीने से लंबित चल रहे प्रमुख और उप प्रमुख के चुनाव का बुधवार को आखिरकार समाधान हो गया। डुमरांव अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में दोपहर 2 बजे शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण वातावरण में पूरी की गई। इस चुनाव में किसी भी पद के लिए प्रतिद्वंद्वी का नामांकन नहीं आने के कारण सुशीला देवी को निर्विरोध प्रखंड प्रमुख तथा गायत्री देवी को निर्विरोध उप प्रमुख घोषित किया गया। चुनाव की घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा और समर्थकों के चेहरे खिल उठे।

-- 22 माह बाद खत्म हुआ इंतजार, कोर्ट की रोक हटने के बाद बनी राह

सिमरी प्रखंड में प्रमुख पद वर्ष 2024 में उस समय विवाद में आ गया था, जब तत्कालीन प्रखंड प्रमुख प्रियंका पाठक के विरुद्ध पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया था। मामला न्यायालय पहुंचा तथा पटना उच्च न्यायालय ने 5 अक्टूबर 2024 को चुनाव प्रक्रिया पर स्थगन लगा दिया था। लगभग एक वर्ष तक चुनाव की राह बंद रही। परंतु नए आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने की अनुमति दी और जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे प्रखंड में व्यापक तैयारी शुरू कराई गई।

प्रशासन ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा और शुचिता को प्राथमिकता देते हुए सभी 29 पंचायत समिति सदस्यों को विधिवत नोटिस तामील करवाया। एडीएम अरुण कुमार और एसडीएम राकेश कुमार ने मौके पर उपस्थित रहकर चुनाव को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया।

-- सुशीला देवी का अनुभव फिर आया काम, तीसरी बार मिली कमान

सुशीला देवी सिमरी की राजनीति में नया नाम नहीं। वर्ष 2001 में उनके पति स्व. सत्यनारायण दुबे ने 39 में से 29 मत प्राप्त कर प्रखंड प्रमुख पद संभाला था। इसके बाद 2024 के उपचुनाव में सुशीला देवी ने खुद मैदान में उतरकर 29 में से 25 वोट हासिल किए और प्रमुख बनीं। अब वर्ष 2025 में उन्हें दोबारा निर्विरोध चुनकर पंचायत समिति ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।उप प्रमुख के रूप में निर्विरोध चुनी गईं गायत्री देवी भी प्रखंड राजनीति में सक्रिय और स्वीकार्य चेहरा मानी जाती हैं। दोनों महिलाओं के निर्विरोध चुने जाने को प्रखंड में स्थिरता और सामंजस्य का संकेत माना जा रहा है।

-- घोषणा के साथ ही छाया जश्न, फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

जैसे ही एसडीएम ने सुशीला देवी और गायत्री देवी के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की, सभागार में मौजूद समर्थकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। बाहर निकलते ही दोनों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। समर्थकों ने जयघोष किया, मिठाइयाँ बांटीं और लाल गुलाल लगाकर अपनी खुशी जाहिर की।

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि नए प्रमुख और उप प्रमुख के कार्यभार संभालने से प्रखंड की विकास योजनाओं को गति मिलेगी। लंबे समय से प्रशासी नेतृत्व के अभाव में अटके कई योजनात्मक कार्य अब पटरी पर लौटने की संभावना है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्विरोध चयन ने प्रखंड की राजनीतिक सद्भावना को भी मजबूत किया है।सिमरी प्रखंड में नए नेतृत्व की ताजपोशी के साथ 22 माह से अधर में लटका प्रशासनिक ढांचा अब फिर सक्रिय होने की उम्मीद कर रहा है। सुशीला देवी की अनुभवी कार्यशैली और गायत्री देवी की सक्रियता से जनता में नई उम्मीदों का संचार हुआ है।