धुंधकारी–गोकर्ण प्रसंग ने बांधा समां, हरिनाम संकीर्तन से गूंजा यज्ञस्थल
ब्रह्मपुर में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को पूरा यज्ञ परिसर भक्ति, आस्था और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता से सराबोर नजर आया। सुबह से ही यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हवन की सुगंध ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ में शामिल होकर पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया।


--भागवत कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, त्रिदण्डी स्वामी बोले— “भक्ति और सत्संग से ही मिलता है जीवन को सही मार्ग”
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
ब्रह्मपुर में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को पूरा यज्ञ परिसर भक्ति, आस्था और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता से सराबोर नजर आया। सुबह से ही यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हवन की सुगंध ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ में शामिल होकर पूजा-अर्चना की और पुण्य लाभ अर्जित किया।यज्ञाचार्यों एवं विद्वान पंडितों की देखरेख में वेदी पूजन, देव आह्वान तथा अरणी मंथन के माध्यम से अग्नि प्रज्वलित कर विधिवत हवन संपन्न कराया गया।

धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरा परिसर “हरि बोल” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालु घंटों तक यज्ञ मंडप में बैठकर पूजा और भजन-कीर्तन में लीन दिखाई दिए।शाम चार बजे से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में गंगापुत्र त्रिदण्डी स्वामी जी महाराज ने धुंधकारी और गोकर्ण की मार्मिक कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मनुष्य को आत्मिक शांति और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान है।स्वामी जी ने कहा कि जहां भागवत कथा होती है, वहां स्वयं भगवान का वास होता है।

उन्होंने धुंधकारी–गोकर्ण प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि भक्ति, सत्संग और भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन से भय, मोह और दुख को दूर करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में धर्म, संयम और सत्कर्म अपनाने का आह्वान किया।कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में पूरी तरह डूबे नजर आए। कई श्रद्धालुओं की आंखें कथा सुन भावुक हो उठीं। आयोजन समिति ने बताया कि सात दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन विधिवत जारी रहेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

