हादसों को न्योता दे रहा विवाह मंडप का जर्जर भवन, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा खतरा

बक्सर के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र रामरेखा घाट पर बना विवाह मंडप अब श्रद्धालुओं के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है। गंगा किनारे स्थित यह पुराना मंडप पूरी तरह जर्जर हो चुका है, लेकिन नगर परिषद और जिला प्रशासन अब तक आंखें मूंदे हुए हैं। हालत ऐसी है कि मंडप की छत से लगातार पत्थर और प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहे हैं, जबकि लोहे की सरिया भी बाहर निकल आई है।

हादसों को न्योता दे रहा विवाह मंडप का जर्जर भवन, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा खतरा

__ जर्जर छत के नीचे रोज जुट रही सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़, स्थानीय लोगों ने कहा— हादसे के बाद जागेगा सिस्टम

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र रामरेखा घाट पर बना विवाह मंडप अब श्रद्धालुओं के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है। गंगा किनारे स्थित यह पुराना मंडप पूरी तरह जर्जर हो चुका है, लेकिन नगर परिषद और जिला प्रशासन अब तक आंखें मूंदे हुए हैं। हालत ऐसी है कि मंडप की छत से लगातार पत्थर और प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहे हैं, जबकि लोहे की सरिया भी बाहर निकल आई है। इसके बावजूद यहां हर दिन सैकड़ों लोग पूजा-पाठ, शादी-विवाह, मुंडन और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने पहुंच रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंडप अब “आस्था का केंद्र” कम और “मौत का मंडप” ज्यादा बन चुका है।

लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और नगर परिषद को इसकी शिकायत दी गई, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। लगातार बिगड़ती स्थिति के बावजूद अब तक न तो मरम्मत शुरू हुई और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि छत की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की कंपन या तेज बारिश में भी बड़ा हिस्सा गिर सकता है। कई बार छोटे-छोटे पत्थर टूटकर नीचे गिर चुके हैं, जिससे लोग बाल-बाल बचे हैं। इसके बावजूद मंडप के नीचे धार्मिक कार्यक्रम बदस्तूर जारी हैं।

रामरेखा घाट से जुड़े लोगों ने बताया कि यह स्थान बक्सर की धार्मिक पहचान का अहम हिस्सा है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां गंगा स्नान के साथ पूजा-अर्चना और पारिवारिक संस्कारों के आयोजन करते हैं। ऐसे में यदि यहां कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी सीधे प्रशासन पर होगी।घाट के पुजारी पंडित त्रिलोकी नाथ तिवारी और पंडित धनजी तिवारी ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मंडप की स्थिति दिन-ब-दिन भयावह होती जा रही है, लेकिन अधिकारी निरीक्षण तक करने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब मंडप की जर्जर स्थिति साफ दिखाई दे रही है तो फिर इसे अस्थायी रूप से बंद कर सुरक्षा घेरा क्यों नहीं बनाया जा रहा? श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही आखिर क्यों बरती जा रही है।इधर, नगर परिषद और जिला प्रशासन की चुप्पी लोगों के गुस्से को और बढ़ा रही है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कर मंडप की मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी अनहोनी से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।