पटना गोल्ड हाइस्ट के बाद डुमरांव में सुरक्षा कड़ी, सर्राफा कारोबारियों को पुलिस की सख्त चेतावनी

पटना में फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर 17 किलो सोने की सनसनीखेज लूट की घटना ने पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस बड़े वारदात के बाद अब डुमरांव पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है और सर्राफा कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार की देर शाम डुमरांव थाना परिसर में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए।

पटना गोल्ड हाइस्ट के बाद डुमरांव में सुरक्षा कड़ी, सर्राफा कारोबारियों को पुलिस की सख्त चेतावनी

__ फर्जी अधिकारी बनकर हुई बड़ी लूट से सबक, हर दुकान में हाई-टेक सुरक्षा और पहचान सत्यापन अनिवार्य

केटी न्यूज/डुमरांव

पटना में फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर 17 किलो सोने की सनसनीखेज लूट की घटना ने पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस बड़े वारदात के बाद अब डुमरांव पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है और सर्राफा कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार की देर शाम डुमरांव थाना परिसर में स्वर्ण व्यवसायियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए।यह बैठक एसडीपीओ के निर्देश पर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा की अगुवाई में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य हालिया घटना से सबक लेते हुए स्थानीय स्तर पर किसी भी संभावित आपराधिक वारदात को रोकना और व्यापारियों को पहले से ज्यादा सतर्क बनाना था।

थानाध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि अब सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों को आगाह किया कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। खासकर फर्जी अधिकारी बनकर दुकान में प्रवेश करना एक बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के अधिकारी होने के दावे पर आंख बंद कर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। पुलिस ने सभी कारोबारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, कस्टम या किसी अन्य विभाग का अधिकारी बताता है, तो उसकी पहचान का पूरी तरह सत्यापन करें। जरूरत पड़ने पर तत्काल डायल 112 या स्थानीय थाना से संपर्क करें।

थानाध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अहम सुझाव भी दिए। उन्होंने सभी ज्वेलरी दुकानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, अलार्म सिस्टम सक्रिय रखने और प्रवेश द्वार को नियंत्रित रखने पर जोर दिया। साथ ही यह भी कहा गया कि कैमरों का नियमित मेंटेनेंस और 24 घंटे रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त को और तेज किया जाएगा। इसके अलावा खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते जानकारी मिल सके।

थानाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जिससे कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।बैठक के दौरान स्वर्ण व्यवसायियों ने भी अपनी चिंताओं को खुलकर सामने रखा। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ के समय जोखिम कई गुना बढ़ जाता है और ऐसे में पुलिस की सक्रियता बेहद जरूरी होती है। व्यापारियों ने बाजार क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने की मांग की।पुलिस ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए आपसी सहयोग भी उतना ही जरूरी है।

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद और भरोसा ही अपराध पर नियंत्रण की सबसे बड़ी कुंजी है।बैठक के अंत में थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने सभी कारोबारियों से अपील की कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने दोहराया कि किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डुमरांव पुलिस की इस पहल से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब अपराधियों के लिए यहां अपनी चालें चलना आसान नहीं होगा।