सरकारी संपत्ति की बदसूरती पर जिला प्रशासन सख्त, अवैध प्रचार सामग्री लगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

सरकारी और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा व सौंदर्य बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी साहिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, सड़क किनारे, बिजली के खंभों, पुल-पुलियों, सरकारी दीवारों, चौक-चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति होर्डिंग, फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर अथवा किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

सरकारी संपत्ति की बदसूरती पर जिला प्रशासन सख्त, अवैध प्रचार सामग्री लगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

-- बिना अनुमति होर्डिंग, फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर अथवा किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित

केटी न्यूज/बक्सर

सरकारी और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा व सौंदर्य बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी साहिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, सड़क किनारे, बिजली के खंभों, पुल-पुलियों, सरकारी दीवारों, चौक-चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति होर्डिंग, फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर अथवा किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

जिलाधिकारी ने बताया कि सरकारी अथवा सार्वजनिक संपत्ति को बिना अनुमति खराब या बदरंग करने से रोकने के लिए बने “बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1987” के अंतर्गत यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत लिखावट, चिपकाने, टांगने या प्रचार सामग्री लगाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना, वसूली और प्राथमिकी दर्ज करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में यह देखने में आया है कि कई निजी संस्थान, व्यक्ति, फर्म, कंपनियां, कोचिंग संस्थान, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन बिना किसी पूर्व अनुमति के सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर अपने प्रचार के लिए बड़े-बड़े बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर लगा रहे हैं। इससे शहर का सौंदर्य तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही यातायात व्यवस्था में बाधा, पैदल चलने वालों को परेशानी और आम जनसुविधाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए नगर परिषद, नगर पंचायत और सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएं।

इस अभियान के तहत सभी अवैध होर्डिंग, बैनर और फ्लेक्स को तत्काल हटवाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि संबंधित प्रचार सामग्री लगाने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान की जाए और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रचार सामग्री हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1987 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही जुर्माना लगाकर सरकारी खर्च की वसूली भी की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी नियम तोड़ने का साहस न कर सके।

जिलाधिकारी ने निजी संस्थानों, फर्मों, कंपनियों, कोचिंग संस्थानों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रचार-प्रसार के लिए केवल उन्हीं स्थानों का उपयोग करें, जिनके लिए विधिवत अनुमति प्राप्त हो। उन्होंने साफ कहा कि “अनुमति के बिना लगाया गया कोई भी बैनर या फ्लेक्स अवैध माना जाएगा और उस पर सख्त कार्रवाई तय है।”उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन की स्थिति में प्रशासन द्वारा शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जाएगी। यानी छोटे या बड़े किसी भी स्तर पर नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति या संस्था की होगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि सार्वजनिक संपत्तियां सभी नागरिकों की होती हैं और उनकी स्वच्छता, सुंदरता व सुरक्षा बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। इस सख्त कदम का उद्देश्य शहर को अव्यवस्था और बदसूरती से मुक्त कर एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई निश्चित है।