कोरानसराय में उतर रही भक्ति की गंगा, ज्ञान यज्ञ कथा से जागेगी आध्यात्मिक चेतना
कोरानसराय की पावन भूमि एक बार फिर वैदिक मंत्रों, भक्ति गीतों और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है। आगामी 10 से 16 मार्च तक यहां श्री श्री 108 विराट श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो पूरे क्षेत्र को धर्म, आस्था और संस्कार के सूत्र में बांध देगा। यह आयोजन श्री राधेकीर्तन ब्रह्म बाबा के सान्निध्य में संपन्न होगा।
-- कलश यात्रा से लेकर पूर्णाहूति तक गूंजेगा ‘नारायण-नारायण’, संतों की वाणी से सराबोर होगा क्षेत्र
केटी न्यूज/डुमरांव।
कोरानसराय की पावन भूमि एक बार फिर वैदिक मंत्रों, भक्ति गीतों और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है। आगामी 10 से 16 मार्च तक यहां श्री श्री 108 विराट श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो पूरे क्षेत्र को धर्म, आस्था और संस्कार के सूत्र में बांध देगा। यह आयोजन श्री राधेकीर्तन ब्रह्म बाबा के सान्निध्य में संपन्न होगा।महायज्ञ का शुभारंभ 10 मार्च को भव्य कलश यात्रा, जलभरी एवं पंचांग पूजन के साथ होगा। सैकड़ों श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश धारण कर यज्ञ स्थल तक पहुंचेंगी, जिससे पूरा कोरानसराय भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। वहीं 16 मार्च को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहूति के साथ महायज्ञ का समापन होगा, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

इस विराट धार्मिक अनुष्ठान का संचालन प्रसिद्ध यज्ञाचार्य आचार्य अखिलेश उपाध्याय के नेतृत्व में किया जाएगा। यज्ञ मंडप में प्रतिदिन हवन, पूजन एवं वैदिक विधियों के माध्यम से लोककल्याण की कामना की जाएगी। वहीं आध्यात्मिक रसधारा प्रवाहित करेंगी प्रयागराज की सुप्रसिद्ध कथावाचिका विदुषी अंजनी गोस्वामी, जो अपने ओजस्वी और भावपूर्ण वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य अनुभव कराएंगी।आयोजन की गरिमा को और ऊंचाई देने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रख्यात संत-महात्मा, भागवत कथा मर्मज्ञ एवं वैदिक विद्वान भी अपने प्रवचन से धर्म का संदेश देंगे। प्रतिदिन संगीतमय कथा, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक संवाद से श्रद्धालु भावविभोर होंगे।

महायज्ञ के मुख्य आयोजक महंत दीपक तिवारी जी महाराज ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यज्ञ के माध्यम से मानव जीवन में शांति, संयम और संस्कार का संचार होता है।आयोजन को लेकर कोरानसराय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह चरम पर है। ग्रामीणों, युवाओं और श्रद्धालुओं द्वारा आयोजन की तैयारी में सक्रिय सहभागिता निभाई जा रही है। यज्ञ स्थल पर भव्य यज्ञ मंडप, विशाल प्रवचन मंच और साधु-संतों के ठहराव हेतु कुटियों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पूरे परिसर को आकर्षक और सुव्यवस्थित रूप दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, कोरानसराय में होने जा रहा यह महायज्ञ क्षेत्र के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक पर्व साबित होने वाला है, जहां भक्ति, ज्ञान और वैदिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

