बक्सर में खेल विभाग ने मनाया दूसरा स्थापना दिवस, खेल बना सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम
बिहार खेल विभाग के गठन के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर बक्सर खेल विभाग द्वारा शनिवार को दूसरा स्थापना दिवस समारोह हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमपी उच्च विद्यालय, बक्सर परिसर में किया गया, जहां केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरीय उपसमाहर्ता सह कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रभारी रवि बहादुर सिंह रहे।
-- ग्रामीण स्तर तक पहुंची खेल सुविधाएं, युवाओं को मिला नया मंच और भविष्य का भरोसा
केटी न्यूज/बक्सर
बिहार खेल विभाग के गठन के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर बक्सर खेल विभाग द्वारा शनिवार को दूसरा स्थापना दिवस समारोह हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमपी उच्च विद्यालय, बक्सर परिसर में किया गया, जहां केक काटकर स्थापना दिवस मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरीय उपसमाहर्ता सह कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रभारी रवि बहादुर सिंह रहे।इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, खेल शिक्षकों एवं खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि बिहार में अलग से खेल विभाग का गठन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह राज्य के युवाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है।

उन्होंने कहा कि 9 जनवरी 2024 से शुरू हुआ यह सफर आज उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक मजबूत माध्यम बन गया है।उन्होंने कहा कि खेल विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि खेल अवसंरचना को लोकतांत्रिक बनाना है। पहले जहां खेल सुविधाएं केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित थीं, वहीं अब पंचायत और गांव स्तर तक खेल का विस्तार हुआ है। प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण और गांवों में विकसित खेल मैदानों ने ग्रामीण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर दिया है।

बक्सर जिले में अब तक सात प्रखंड स्तरीय स्टेडियमों का निर्माण किया जा चुका है, वहीं 94 पंचायत स्तरीय खेल मैदान तैयार किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही अभ्यास की बेहतर सुविधा मिल रही है। पंचायत स्तर पर गठित खेल क्लबों ने न केवल खेल गतिविधियों को गति दी है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को भी मजबूत किया है।खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजनाएं, सरकारी नियुक्तियां, प्रोत्साहन राशि एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया है कि उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा और उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा।

अब पदक विजेता खिलाड़ी केवल तालियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें स्थायी अवसर और सम्मानजनक जीवन का मार्ग भी मिल रहा है।स्थापना दिवस समारोह में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी कन्हैयालाल, कार्यपालक सहायक मदन, अशोक कुमार, सत्येंद्र कुमार सिंह, संजय कुमार, अश्विनी कुमार राय, सतेंद्र सिंह यादव, त्रिलोकी नाथ तिवारी, वशिष्ठ प्रसाद, राकेश रंजन उपाध्याय, रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में खेल शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने खेल विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे बिहार के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया।

