डुमरांव के महावीर चबूतरा स्कूल में चोरी
डुमरांव शहर के बीचो-बीच स्थित मध्य विद्यालय महावीर चबूतरा इन दिनों पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण चर्चा में है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब विद्यालय प्रबंधन को मजबूरन थाने की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जिस विद्यालय में चोरों का आतंक है, वह डुमरांव थाना के ठीक सामने स्थित है, फिर भी असामाजिक तत्व बेखौफ होकर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव शहर के बीचो-बीच स्थित मध्य विद्यालय महावीर चबूतरा इन दिनों पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के कारण चर्चा में है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब विद्यालय प्रबंधन को मजबूरन थाने की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जिस विद्यालय में चोरों का आतंक है, वह डुमरांव थाना के ठीक सामने स्थित है, फिर भी असामाजिक तत्व बेखौफ होकर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।प्रभारी प्रधानाचार्य संजू यादव शिक्षकों के साथ डुमरांव थाना पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि विद्यालय की चहारदीवारी कई जगहों से क्षतिग्रस्त है।

इसी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व रात के अंधेरे में स्कूल परिसर में घुस जाते हैं और कीमती सरकारी संसाधनों पर हाथ साफ कर रहे हैं। हालिया घटना में स्कूल के ऊपरी कमरों का ताला तोड़कर कक्षाओं में लगे बेंच-डेस्क के स्क्रू खोल लिए गए और लकड़ियों की चोरी कर ली गई।यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले विद्यालय से नल चोरी हो चुका है, वहीं उससे भी पहले इनवर्टर की बैटरी भी गायब हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने न सिर्फ विद्यालय प्रबंधन को चिंता में डाल दिया है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई पर भी सीधा असर पड़ा है। कक्षाओं में बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ने की नौबत आ गई है।

शिक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि थाना इतनी नजदीक होने के बावजूद चोरों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। क्या रात्रि गश्ती सिर्फ कागजों तक सीमित है।इस पूरे मामले पर डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस से नियमित निगरानी, रात्रि गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि शिक्षा का मंदिर चोरों का अड्डा बनने से बच सके।

