यूडीआईडी शिविर से दिव्यांगजनों को मिलेगी राहत, बुनियाद केंद्र में दो दिनों तक होगा आवेदन निस्तारण

दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। डुमरांव स्थित बुनियाद केंद्र में 17 और 18 मार्च को यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए विशेष दो दिवसीय शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित आवेदनों का निस्तारण करना और नए पात्र लाभुकों का आवेदन स्वीकार कर उनकी प्रक्रिया पूरी कराना है।

यूडीआईडी शिविर से दिव्यांगजनों को मिलेगी राहत, बुनियाद केंद्र में दो दिनों तक होगा आवेदन निस्तारण

केटी न्यूज/डुमरांव।

दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। डुमरांव स्थित बुनियाद केंद्र में 17 और 18 मार्च को यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए विशेष दो दिवसीय शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित आवेदनों का निस्तारण करना और नए पात्र लाभुकों का आवेदन स्वीकार कर उनकी प्रक्रिया पूरी कराना है।यूडीआईडी यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक अहम दस्तावेज बन चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब यही एकल पहचान पत्र मान्य है।

इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजन हैं, जिन्हें अब तक यह कार्ड नहीं मिल पाया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बक्सर जिले में अब तक 17,136 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 14,448 आवेदकों को कार्ड जारी किया जा चुका है, जबकि 468 आवेदन सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से रद्द किए गए हैं। वहीं 2,220 आवेदन अब भी लंबित हैं।प्रशासन का प्रयास है कि इस विशेष शिविर के माध्यम से लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जाए। पहले इस शिविर के आयोजन के लिए डुमरांव प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को चिन्हित किया गया था, लेकिन जगह कम होने के कारण स्थल बदलकर पीएचसी के समीप स्थित बुनियाद केंद्र कर दिया गया।

इससे आने वाले दिव्यांगजनों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।सोमवार को बीडीओ संदीप कुमार पाण्डेय और पीएचसी प्रभारी डॉ. आर.बी. प्रसाद ने बुनियाद केंद्र पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और लाभुकों की सुविधा को लेकर संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। बीडीओ ने कहा कि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक यूडीआईडी कार्ड पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वे बिना परेशानी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।