राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ चौसा के विशाल का चयन

चौसा प्रखंड की मिट्टी से निकली प्रतिभा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी कभी भी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकती। चौसा के युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी विशाल कुशवाहा का चयन पटना टीम के माध्यम से राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण की कहानी है, बल्कि जिले के उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य देखते हैं।

राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ चौसा के विशाल का चयन

-- किसान के बेटे की मेहनत बनी पहचान, गांव की मिट्टी से निकलकर पटना टीम के साथ नेशनल प्रतियोगिता में करेंगे जिले का प्रतिनिधित्व

केटी न्यूज/चौसा

चौसा प्रखंड की मिट्टी से निकली प्रतिभा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी कभी भी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकती। चौसा के युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी विशाल कुशवाहा का चयन पटना टीम के माध्यम से राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण की कहानी है, बल्कि जिले के उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य देखते हैं।विशाल कुशवाहा की खेल यात्रा किसी आधुनिक अकादमी या बड़े शहर से नहीं, बल्कि गांव के मैदान और स्कूल के अभ्यास से शुरू हुई।

चौसा आदर्श उच्च विद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने वॉलीबॉल में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी। विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में टीम का नेतृत्व करते हुए उनके प्रदर्शन ने शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों का ध्यान खींचा। इसके बाद जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगितियों में लगातार बेहतर खेल दिखाकर उन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा अवसर मिलने पर खुद रास्ता बना लेती है।राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे चौसा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। जब विशाल अपने गृह क्षेत्र लौटे तो उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था।

ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं और नारों के बीच ग्रामीणों ने अपने खिलाड़ी को सिर आंखों पर बिठाया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि गांव अपने बेटे की सफलता को अपनी जीत मानता है।सम्मान समारोह के दौरान बिहार सरकार के राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार ने विशाल को सम्मानित करते हुए कहा कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास ही किसी खिलाड़ी को शिखर तक पहुंचाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि विशाल आगे भी जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगे।विशाल का पारिवारिक जीवन भी उनके संघर्ष को और गहराई देता है।

वे एक साधारण गृहस्थ परिवार से आते हैं। उनके पिता सोना सिंह कुशवाहा सब्जी की खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद परिवार ने कभी विशाल के खेल सपने को कमजोर नहीं पड़ने दिया।समारोह में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शैलेश कुशवाहा, मोनू चन्द्रवंशी, छोटक चौधरी, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि मुस्तफा, शिवजी कुशवाहा, सूरज कुमार, मनीष यादव, रंजन कुमार, सुमंत कुशवाहा, अतुल कुमार, सुहैल खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि विशाल की सफलता ग्रामीण प्रतिभाओं की असली ताकत को दर्शाती है और आने वाले समय में वे देश के लिए भी खेलते नजर आएंगे।