अनुसूचित बस्ती से उठी चेतना की आवाज़, नशा छोड़ने का लिया सामूहिक संकल्प

नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की भी है,इसी सोच के साथ रविवार को डुमरांव नगर के लालगंज कड़वी महावीर मंदिर परिसर स्थित अनुसूचित बस्ती में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। यहां पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की भाषा छोड़कर संवाद और जागरूकता का रास्ता चुना। उद्देश्य साफ था नशा-मुक्त और शराब-मुक्त समाज की ओर एक ठोस कदम बढ़ाना।

अनुसूचित बस्ती से उठी चेतना की आवाज़, नशा छोड़ने का लिया सामूहिक संकल्प

__ लालगंज कड़वी महावीर मंदिर परिसर में पुलिस–जनसंवाद, कानून से आगे बढ़कर समाज सुधार की पहल

केटी न्यूज/डुमरांव

नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की भी है,इसी सोच के साथ रविवार को डुमरांव नगर के लालगंज कड़वी महावीर मंदिर परिसर स्थित अनुसूचित बस्ती में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। यहां पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की भाषा छोड़कर संवाद और जागरूकता का रास्ता चुना। उद्देश्य साफ था नशा-मुक्त और शराब-मुक्त समाज की ओर एक ठोस कदम बढ़ाना।इस विशेष जागरूकता अभियान का नेतृत्व थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने बस्ती के लोगों से सीधे संवाद करते हुए शराबबंदी कानून की जानकारी दी और उसके पीछे के सामाजिक मकसद को सरल शब्दों में समझाया।

थानाध्यक्ष ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद चोरी-छिपे शराब का कारोबार और सेवन समाज के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। यह केवल कानून तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाला कृत्य है।उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि शराब की लत किस तरह घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और अपराध को जन्म देती है। एक व्यक्ति की आदत पूरे परिवार को प्रभावित करती है और धीरे-धीरे समाज में असुरक्षा का माहौल बनता है। थानाध्यक्ष ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। समाज को सही दिशा देना, युवाओं को भटकने से रोकना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। नशा-मुक्त समाज ही स्वस्थ, सुरक्षित और विकासशील समाज की बुनियाद रखता है, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनता और पुलिस को कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।कार्यक्रम में नगर परिषद के कार्यकारी सभापति विकास ठाकुर ने अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग—युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी नहीं करेगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने मोहल्ले को सुरक्षित बनाएं।इस अवसर पर अशोक कुमार राय, गोकुल केशरी, घनश्याम राय, रवि राय, आकाश राय सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अंत में सभी ने एक स्वर में नशा-मुक्त और शराब-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। यह अभियान न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश भी।