मरम्मत हुई या सिर्फ कागज़ी खेल.., दो पंचायत, एक तस्वीर से बढ़ा विवाद

प्रखंड क्षेत्र के रामपुर और कतिकन्नार पंचायत में नल-जल योजना के मरम्मती कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में दोनों पंचायतों के मरम्मत कार्य के नाम पर एक ही फोटो का उपयोग किया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

मरम्मत हुई या सिर्फ कागज़ी खेल.., दो पंचायत, एक तस्वीर से बढ़ा विवाद

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र के रामपुर और कतिकन्नार पंचायत में नल-जल योजना के मरम्मती कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में दोनों पंचायतों के मरम्मत कार्य के नाम पर एक ही फोटो का उपयोग किया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत की 15वीं वित्त आयोग मद की राशि से नल-जल योजना के मरम्मत कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन जब विभागीय पोर्टल पर कार्य की प्रगति देखने का प्रयास किया गया, तो पाया गया कि रामपुर और कतिकन्नार दोनों पंचायतों के नाम से एक ही तस्वीर अपलोड है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों स्थानों पर अलग-अलग मरम्मत कार्य हुआ है, तो अलग-अलग तस्वीरें अपलोड होनी चाहिए थीं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पोर्टल पर जो फोटो अपलोड की गई है, वह किसी निजी घर में लगे नल की प्रतीत होती है, जिससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि कहीं मरम्मत कार्य कागजों पर तो नहीं दिखाया गया। अब सवाल उठ रहा है कि यह चूक तकनीकी सहायक की है या संबंधित एजेंसी की। यदि कार्य वास्तव में हुआ है, तो प्रमाण के रूप में सही तस्वीरें और स्थल विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर राशि की निकासी कर ली गई है।

उन्होंने प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो।इस संबंध में प्रखंड प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जांच के बाद सच्चाई उजागर हो पाती है।