महिलाओं ने रचा इतिहास, मतदान प्रतिशत में बक्सर की चारों सीटों पर रही पुरुषों से आगे

बक्सर जिले में इस बार विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा महिलाओं का उत्साहपूर्ण मतदान। लंबे समय बाद नहीं, बल्कि शायद पहली बार ऐसा हुआ जब जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों, ब्रह्मपुर, बक्सर, डुमरांव और राजपुर (सुरक्षित) में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक प्रतिशत में मतदान किया। मतदान के प्रति “आधी आबादी” की यह जागरूकता न केवल लोकतंत्र के प्रति बढ़ते भरोसे की मिसाल बनी, बल्कि प्रशासन के उस प्रयास को भी सफल साबित किया जो महिलाओं की मतदाता सूची में अधिक से अधिक नाम जोड़ने की दिशा में किया गया था।

महिलाओं ने रचा इतिहास, मतदान प्रतिशत में बक्सर की चारों सीटों पर रही पुरुषों से आगे

रजनीकांत दूबे/बक्सर

बक्सर जिले में इस बार विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा महिलाओं का उत्साहपूर्ण मतदान। लंबे समय बाद नहीं, बल्कि शायद पहली बार ऐसा हुआ जब जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों, ब्रह्मपुर, बक्सर, डुमरांव और राजपुर (सुरक्षित) में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक प्रतिशत में मतदान किया। मतदान के प्रति “आधी आबादी” की यह जागरूकता न केवल लोकतंत्र के प्रति बढ़ते भरोसे की मिसाल बनी, बल्कि प्रशासन के उस प्रयास को भी सफल साबित किया जो महिलाओं की मतदाता सूची में अधिक से अधिक नाम जोड़ने की दिशा में किया गया था।

-- महिलाओं ने दिखाया लोकतंत्र में बढ़ा भरोसा

निर्वाचन कोषांग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि जिले में कुल 61.83 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं का अनुपात पुरुषों से अधिक रहा। मतदान के दिन बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें इस बात का प्रमाण थीं कि वे अब लोकतंत्र के उत्सव में बराबर की भागीदारी निभाने को तैयार हैं। घर की चौखट से निकलकर मतदान केंद्र तक पहुंची ये महिलाएं न सिर्फ अपने अधिकार के प्रति सजग दिखीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का नया उदाहरण भी बनीं।

-- बक्सर में सबसे अधिक महिला मतदान

आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक मतदान बक्सर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज हुआ, जहां कुल 65.41 प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें महिलाओं का प्रतिशत 65.85 और पुरुषों का 65.01 रहा। वहीं, डुमरांव विधानसभा में कुल 60.55 प्रतिशत वोटिंग हुई, जिसमें महिलाओं का मतदान 62.19 और पुरुषों का 59.10 प्रतिशत रहा।ब्रह्मपुर विधानसभा में कुल 59.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां महिलाओं का मतदान 61.64 प्रतिशत और पुरुषों का 58.10 प्रतिशत रहा।राजपुर (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में कुल 62.67 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं का 63.41 प्रतिशत तथा पुरुषों का 61.49 प्रतिशत रहा।

-- रिकॉर्ड बनेगा निर्णायक कारक

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार महिलाओं का यह बढ़ा हुआ मतदान चुनावी समीकरणों को नई दिशा दे सकता है। पुरुषों की तुलना में अधिक वोट डालने वाली महिला मतदाताओं का रुझान जिस भी प्रत्याशी या दल की ओर झुकेगा, वही जीत का सेहरा पहन सकता है। दिलचस्प यह भी है कि जिले की चारों सीटों पर इस बार किसी भी दल ने महिला उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया, फिर भी महिलाओं ने मतदान में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।

-- प्रशासन के प्रयासों की मिली सफलता

जिला प्रशासन ने निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान विशेष रूप से महिलाओं के नाम जोड़ने पर जोर दिया था। इस प्रयास का परिणाम मतदान के दिन साफ तौर पर दिखा, जब गांवों से लेकर शहरों तक महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचीं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह रुझान आने वाले चुनावों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनेगा।

-- लोकतंत्र में नई ऊर्जा का संचार

महिलाओं की इस भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि अब लोकतंत्र केवल पुरुषों की भागीदारी तक सीमित नहीं रहा। आधी आबादी ने यह दिखा दिया कि वे न केवल घर-परिवार की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक दिशा तय करने में भी अपनी निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार हैं।बक्सर जिले में इस बार का चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, पर यह तय है कि मतदान के प्रतिशत में महिलाओं का यह वर्चस्व आने वाले वर्षों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण बनेगा। आधी आबादी ने आधे अधिकारों से आगे बढ़कर लोकतंत्र की धड़कनों को और मजबूत कर दिया है।