चौसा में विचारों की विरासत को किया गया नमन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि बनी सामाजिक संकल्प का मंच
चौसा प्रखंड के कनकनारायनपुर गांव में रविवार को वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह की सातवीं पुण्यतिथि केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को दोहराने का जीवंत मंच बन गई। गांव में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों ने भाग लेकर उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
-- कनकनारायनपुर गांव में श्रद्धांजलि सभा, शोषित-वंचितों के संघर्ष को आगे बढ़ाने का लिया गया संकल्प
केटी न्यूज/चौसा
चौसा प्रखंड के कनकनारायनपुर गांव में रविवार को वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह की सातवीं पुण्यतिथि केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को दोहराने का जीवंत मंच बन गई। गांव में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों ने भाग लेकर उनके सामाजिक योगदान को याद किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश कुशवाहा ने की। सभा की शुरुआत स्व. सिंह के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।इसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया।

वे ऐसे नेता थे जिन्होंने सत्ता या सुविधा की राजनीति से दूर रहकर हमेशा आम लोगों की आवाज को प्राथमिकता दी।वक्ताओं ने कहा कि स्व. सिंह का जीवन सादगी, ईमानदारी और वैचारिक दृढ़ता का उदाहरण था। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और जन आंदोलनों के माध्यम से सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती दी। क्षेत्र में कम्युनिस्ट आंदोलन को संगठित करने और गांव-गांव तक राजनीतिक चेतना पहुंचाने में उनकी भूमिका को आज भी लोग सम्मान के साथ याद करते हैं।अध्यक्षीय संबोधन में प्रकाश कुशवाहा ने कहा कि स्व. सिंह के विचार आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जब समाज में असमानता और शोषण की चुनौतियां लगातार सामने आ रही हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राजेन्द्र प्रसाद सिंह के संघर्षों से प्रेरणा लेकर सामाजिक बदलाव की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी उनके जनहितकारी कार्यों, आंदोलनों और संगठनात्मक क्षमता को याद किया। श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी ने सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।इस अवसर पर बबन सिंह कुशवाहा, बिहारी पासवान, छट्ठूलाल मौर्या, प्रेमचंद्र कुशवाहा, अमरेश कुशवाहा, जिला परिषद सदस्य मनोज कुशवाहा, संजय कुशवाहा, अरुण कुशवाहा, अर्जुन कुशवाहा, मनीष कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

