सात निश्चय-3 के तहत लघु नहरों के जीर्णोद्धार में तेजी

जिले में “सात निश्चय-3” योजना के तहत लघु एवं उप-लघु नहरों के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर प्रशासन ने रफ्तार बढ़ा दी है। उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने जल संसाधन विभाग और मनरेगा के अभिसरण से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। बैठक में 20 घनसेक से कम जल स्राव वाली नहरों के पुनरुद्धार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

सात निश्चय-3 के तहत लघु नहरों के जीर्णोद्धार में तेजी

--डीडीसी निहारिका छवि ने की __ समीक्षा, डुमरांव में जियो टैगिंग लंबित रहने पर नाराजगी

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में “सात निश्चय-3” योजना के तहत लघु एवं उप-लघु नहरों के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर प्रशासन ने रफ्तार बढ़ा दी है। उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने जल संसाधन विभाग और मनरेगा के अभिसरण से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। बैठक में 20 घनसेक से कम जल स्राव वाली नहरों के पुनरुद्धार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई कुल 24 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले की कई जर्जर लघु नहरों और उप-लघु नहरों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रखंड बक्सर, चौसा, इटाढ़ी, चौगाई और नावानगर में योजनाओं का जियो टैगिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं डुमरांव प्रखंड में यह कार्य लंबित पाए जाने पर डीडीसी ने नाराजगी जताई और कार्यक्रम पदाधिकारी, डुमरांव को शीघ्र जियो टैगिंग पूर्ण कराने का निर्देश दिया।उप विकास आयुक्त ने कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल बक्सर सह नोडल पदाधिकारी को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ कनीय अभियंताओं के माध्यम से सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें और योजनाओं का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कराएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को विभागीय मार्गदर्शिका के अनुरूप कार्य कराने, नियमित अनुश्रवण करने तथा समय-सीमा के भीतर योजनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।बैठक में बताया गया कि नहरों के जीर्णोद्धार से खेतों तक सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे किसानों की खेती पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।समीक्षा बैठक में कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल बक्सर सह नोडल पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा बक्सर, चौसा, नावानगर, चौगाई सहित मनरेगा के कनीय अभियंता मौजूद रहे।