एफडी की रकम समायोजित कर खाता किया ऋणात्मक, पीएनबी पर 10.50 लाख क्षतिपूर्ति का दावा
जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंकिंग सेवा में कथित लापरवाही से जुड़े एक मामले में पंजाब नेशनल बैंक की डुमरांव शाखा को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामला 10 लाख 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग से जुड़ा है। परिवाद पत्र संख्या 59/2026 से संबंधित इस मामले में बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी बिहारी लाल ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

केटी न्यूज/बक्सर।
जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंकिंग सेवा में कथित लापरवाही से जुड़े एक मामले में पंजाब नेशनल बैंक की डुमरांव शाखा को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामला 10 लाख 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग से जुड़ा है। परिवाद पत्र संख्या 59/2026 से संबंधित इस मामले में बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी बिहारी लाल ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया है।परिवादी के अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि बिहारी लाल ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के बदले बैंक से डिमांड लोन लिया था। आरोप है कि बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति के खाते में उपलब्ध पूरी राशि का कथित तौर पर एकतरफा समायोजन कर लिया। इसके बाद खाते में राशि ऋणात्मक प्रदर्शित होने लगी।

परिवादी का कहना है कि बैंक की इस कार्रवाई से उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जब उन्होंने शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो कथित तौर पर यह कहकर उन्हें वापस कर दिया गया कि अब कुछ नहीं किया जा सकता। इसके बाद परिवादी की ओर से बैंक को वकालतन नोटिस भी भेजा गया, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।मामले की सुनवाई के बाद सेवानिवृत्त न्यायाधीश सह जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने परिवाद को ग्रहण करते हुए विपक्षी बैंक को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। अब बैंक का पक्ष सामने आने के बाद मामले की अगली कार्रवाई आगे बढ़ेगी।इधर, एक अन्य मामले में महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे समेत अन्य विपक्षियों के विरुद्ध 45 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर भी जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया गया है।

