मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, जलजमाव, सफाई और पेयजल व्यवस्था पर डीएम की सख्ती
मानसून के आगमन से पहले शहरी क्षेत्रों में जलजमाव, साफ-सफाई और पेयजल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, मानसून पूर्व तैयारियों तथा स्वच्छता व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई।

__ नगर निकायों की समीक्षा बैठक में दिए कई अहम निर्देश, पिंक टॉयलेट, सीसीटीवी, मोक्षधाम परियोजना और वेंडिंग जोन को लेकर तय हुई कार्ययोजना
केटी न्यूज/बक्सर
मानसून के आगमन से पहले शहरी क्षेत्रों में जलजमाव, साफ-सफाई और पेयजल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, मानसून पूर्व तैयारियों तथा स्वच्छता व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में जिले के सभी नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मानसून को देखते हुए सभी नगर निकायों को नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराने तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान किसी भी शहरी क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं और संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए।संभावित सूखा एवं पेयजल संकट को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी चापाकलों को हर हाल में चालू रखने का निर्देश दिया। साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत एवं पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निकायों को कचरा संग्रहण स्थलों की संख्या शून्य तक लाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि शहरों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही पिंक टॉयलेट निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।बैठक में नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी को नगर क्षेत्र तथा रामरेखा घाट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा बुडको द्वारा निर्माणाधीन मोक्षधाम परियोजना की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया गया।

शहरी क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने के लिए मांस विक्रेताओं, फल एवं सब्जी विक्रेताओं तथा फूड कोर्ट के लिए अलग-अलग समर्पित वेंडिंग जोन विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।अधिकारियों को इस दिशा में शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं महिलाओं की सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिंक बस संचालन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।आगामी श्रावणी मेला को देखते हुए नगर पंचायत ब्रह्मपुर को मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सुरक्षा एवं स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित पोखरों के सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई शुरू करने को भी कहा।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) निर्माण हेतु आवश्यक भूमि की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं मानसून के दौरान संचारी रोगों के खतरे को देखते हुए नियमित रूप से एंटी लार्वा दवा के छिड़काव तथा व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह कार्य संस्कृति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचना चाहिए।

