बाढ़ से निपटने को प्रशासन तैयार, डीएम ने एसडीआरएफ भवन पहुंचकर परखी तैयारियां
आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिलाधिकारी साहिला ने एसडीआरएफ भवन का निरीक्षण कर बक्सर जिले में तैनात एसडीआरएफ टीम की तैयारियों, संसाधनों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया।


__ मानसून पूर्व तैयारी की समीक्षा, बचाव उपकरणों को दुरुस्त रखने और त्वरित रिस्पांस का दिया निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिलाधिकारी साहिला ने एसडीआरएफ भवन का निरीक्षण कर बक्सर जिले में तैनात एसडीआरएफ टीम की तैयारियों, संसाधनों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए और त्वरित कार्रवाई के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं।जिलाधिकारी ने एसडीआरएफ भवन में उपलब्ध बचाव उपकरणों, संसाधनों और टीम की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से संभावित बाढ़ की स्थिति में किए जाने वाले राहत कार्यों की जानकारी ली और आवश्यक तैयारियों को समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रबंधन से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, बक्सर को एसडीआरएफ के सहयोग से आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से कर्मियों और संबंधित लोगों की क्षमता बढ़ेगी तथा आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किए जा सकेंगे।उन्होंने कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग को आवश्यक संपर्क पथों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का निर्देश भी दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव अभियान चलाने के लिए सड़कों एवं संपर्क मार्गों का बेहतर होना बेहद जरूरी है। इसलिए कमजोर और प्रभावित होने वाले रास्तों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।डीएम ने अधिकारियों एवं एसडीआरएफ कर्मियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में समयबद्ध, समन्वित और प्रभावी रिस्पांस सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बचाव उपकरणों के नियमित निरीक्षण और उचित रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आपदा के समय उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशील स्थिति सबसे महत्वपूर्ण होती है।निरीक्षण के दौरान बताया गया कि एसडीआरएफ भवन में बाढ़ एवं आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।

यहां कुल 60 बीएम बोट, पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, स्विमिंग ट्यूब सहित अन्य जरूरी बचाव उपकरण मौजूद हैं। जिलाधिकारी ने सभी उपकरणों को हमेशा उपयोग के लिए तैयार रखने और उनके समुचित संधारण का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जिले में बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों, बचाव रणनीति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।

