मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या से पहले प्रशासन अलर्ट, घाटों से मैदान तक सख्त इंतजाम

मकर संक्रांति एवं मौनी अमावस्या जैसे बड़े धार्मिक पर्वों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी साहिला ने मंगलवार को रामरेखा घाट एवं सिपाही घाट का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, शौचालय, लाइटिंग, सीसीटीवी, माइकिंग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए।

मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या से पहले प्रशासन अलर्ट, घाटों से मैदान तक सख्त इंतजाम

-- रामरेखा व सिपाही घाट का डीएम ने किया निरीक्षण, पतंग महोत्सव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दिए कड़े निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

मकर संक्रांति एवं मौनी अमावस्या जैसे बड़े धार्मिक पर्वों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी साहिला ने मंगलवार को रामरेखा घाट एवं सिपाही घाट का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, शौचालय, लाइटिंग, सीसीटीवी, माइकिंग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए।निरीक्षण के समय उप विकास आयुक्त निहारिका छवि, अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, स्वच्छता प्रभारी नगर परिषद, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

-- पतंग महोत्सव को लेकर पूरी तैयारी, पार्किंग और सुरक्षा पर फोकस

14 जनवरी को आयोजित होने वाले पतंग महोत्सव को लेकर सिपाही घाट क्षेत्र में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। स्वच्छता पदाधिकारी नगर परिषद ने बताया कि सिपाही घाट के पश्चिमी हिस्से में खाली मैदान को पतंग महोत्सव के लिए तथा पूर्वी हिस्से के मैदान को पार्किंग एरिया के रूप में चिन्हित किया गया है। जिला कला एवं संस्कृति विभाग, शारीरिक शिक्षा विभाग और नजारत शाखा के सहयोग से फ्लैश मोब डांस, म्यूजिकल चेयर, सैक रेस, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, हैंडबाल और पतंग प्रतियोगिता जैसे कुल सात से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।जिलाधिकारी ने कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद को निर्देश दिया कि कार्यक्रम स्थल के चारों ओर पर्याप्त और मजबूत बैरिकेडिंग की जाए, ताकि प्रतिभागियों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही मैदान में पर्याप्त डस्टबिन, पेयजल की व्यवस्था और चलंत शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

-- रामरेखा घाट पर अव्यवस्था पर नाराजगी, हटेंगी चौकियां

निरीक्षण के दौरान रामरेखा घाट पर स्थानीय पंडाओं द्वारा सीढ़ियों पर बड़ी संख्या में चौकियां लगाए जाने का मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि इससे पर्व के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो सकती है। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को तत्काल चौकियां हटवाकर घाट की सीढ़ियों को पूरी तरह खाली कराने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

-- आपदा चेतावनी, सीसीटीवी और लाइटिंग अनिवार्य

रामरेखा घाट पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर विज्ञापन प्रसारित होते पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि नियमित रूप से आपदा से संबंधित चेतावनियों का प्रसारण किया जाए। इसके साथ ही घाट पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को सप्ताह के सभी दिन व 24 घंटे क्रियाशील रखने, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कैमरे लगाने और माइकिंग व्यवस्था को लगातार चालू रखने के निर्देश दिए गए।

घाट क्षेत्र में शौचालयों के साइनेंज काफी दूर पाए जाने पर निर्देश दिया गया कि शौचालय के आसपास भी स्पष्ट साइनेंज लगाए जाएं तथा पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। आसपास की गलियों में जमा कचरे को तत्काल हटाने, सभी लाइट और हाईमास्ट लाइट को दुरुस्त कर क्रियाशील रखने पर भी जोर दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए चेंजिंग रूम को सही और सुरक्षित तरीके से तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।

-- यातायात प्रबंधन रहेगा चुनौती, प्रशासन ने कसी कमर

किला मैदान के पास चिन्हित पार्किंग स्थल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पार्किंग के लिए स्पष्ट साइनेंज लगाने का आदेश दिया। पुलिस उपाधीक्षक यातायात एवं अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि मकर संक्रांति के दिन सिपाही घाट पर पतंग महोत्सव और रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष यातायात योजना लागू की जाए, ताकि जाम की स्थिति न बने।जिलाधिकारी ने अंत में सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया।