गणित के जरिए प्रतिभा निखारने की पहल, क्विज प्रतियोगिता ने बढ़ाया छात्रों का आत्मविश्वास

शैक्षणिक माहौल को और अधिक सक्रिय एवं प्रेरणादायक बनाने की दिशा में महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के गणित विभाग द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने छात्रों में नई ऊर्जा का संचार किया। यह प्रतियोगिता केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास को निखारने का सशक्त मंच साबित हुई।

गणित के जरिए प्रतिभा निखारने की पहल, क्विज प्रतियोगिता ने बढ़ाया छात्रों का आत्मविश्वास

केटी न्यूज/बक्सर

शैक्षणिक माहौल को और अधिक सक्रिय एवं प्रेरणादायक बनाने की दिशा में महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के गणित विभाग द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने छात्रों में नई ऊर्जा का संचार किया। यह प्रतियोगिता केवल एक प्रतिस्पर्धा नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास को निखारने का सशक्त मंच साबित हुई।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रश्नों के माध्यम से जहां उनकी गणितीय समझ की परीक्षा हुई, वहीं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी परखी गई।

प्रतियोगिता के दौरान छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बना रहा।इस आयोजन को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में शिक्षकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ डॉ. विरेन्द्र प्रसाद एवं डॉ. श्रीवास्तव ने समन्वय और मार्गदर्शन प्रदान कर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह ने कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को किताबों के दायरे से बाहर निकलकर सोचने और सीखने का अवसर देती हैं।

उन्होंने इसे समग्र शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए छात्रों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विभिन्न प्राध्यापकों ने वीक्षक की भूमिका निभाई और पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया।कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित करने की घोषणा की गई। साथ ही, भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन पर जोर दिया गया, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।