वीर कुंवर सिंह सेतू पर एंडेवर से पकड़ी गई करीब 500 लीटर विदेशी शराब, चालक फरार

बक्सर में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले तस्करों के खिलाफ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा को जोड़ने वाले वीर कुंवर सिंह सेतु पर रविवार देर रात हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर शराब की बड़ी खेप बिहार में खपाने की कोशिश कर रहे हैं।

वीर कुंवर सिंह सेतू पर एंडेवर से पकड़ी गई करीब 500 लीटर विदेशी शराब, चालक फरार

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले तस्करों के खिलाफ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा को जोड़ने वाले वीर कुंवर सिंह सेतु पर रविवार देर रात हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर शराब की बड़ी खेप बिहार में खपाने की कोशिश कर रहे हैं।उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल के निर्देश पर उत्पाद इंस्पेक्टर प्रीति कुमारी के नेतृत्व में सेतु पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था।

इसी क्रम में रविवार रात करीब एक बजे उत्तर प्रदेश की ओर से आ रही एक फोर्ड एंडेवर जिसका रजिस्टेªशन नंबर यूपी 16 एआर 5386 को चेक पोस्ट के पास रोका गया। शुरुआती तौर पर गाड़ी सामान्य लग रही थी, लेकिन तलाशी के दौरान जो सामने आया उसने जांच टीम को भी चौंका दिया।कार के भीतर अलग-अलग नामी ब्रांड की कुल 56 पेटी विदेशी शराब और एक पेटी बीयर बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 499.92 लीटर आंकी गई है, जो इसे जिले की हालिया सबसे बड़ी बरामदगी में शामिल करती है।

बताया जा रहा है कि शराब को बेहद शातिर तरीके से कार में छिपाया गया था ताकि शक न हो सके।जैसे ही चालक को यह आभास हुआ कि जांच सख्त हो रही है, उसने मौके की अफरातफरी का फायदा उठाया। पीछे खड़ी गाड़ियों की आड़ लेकर वह अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया। हालांकि, वाहन का नंबर मिलने के बाद उत्पाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए कार मालिक की पहचान कर ली है और उसके खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विभाग की सतर्कता के कारण उनकी साजिशें नाकाम हो रही हैं। फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि सीमा क्षेत्रों पर निगरानी और सख्त करने की जरूरत क्यों न हो, ताकि शराब तस्करी की कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके।