पेपरलेस रजिस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार तो जमीन कारोबार की थमी चाल, बक्सर में एक तो डुमरांव में शून्य निबंधन
बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद बक्सर जिले में जमीन के निबंधन की रफ्तार अचानक सुस्त पड़ गई है। नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और तकनीकी औपचारिकताओं के बीच निबंधन कार्यालयों में कामकाज की गति काफी धीमी हो गई है।

केटी न्यूज/बक्सर
बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद बक्सर जिले में जमीन के निबंधन की रफ्तार अचानक सुस्त पड़ गई है। नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन और तकनीकी औपचारिकताओं के बीच निबंधन कार्यालयों में कामकाज की गति काफी धीमी हो गई है। इसका सीधा असर जमीन की खरीद-बिक्री के साथ सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी पड़ता दिख रहा है।मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर जिले के बक्सर और डुमरांव निबंधन कार्यालय में तीन अगस्त से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की गई है। नई प्रणाली में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण दस्तावेज तैयार कराने और सत्यापन के बाद ही निबंधन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

नतीजतन सामान्य दिनों की तुलना में रजिस्ट्री की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।गुरुवार को बक्सर निबंधन कार्यालय में पूरे दिन में महज एक दस्तावेज का निबंधन हो सका, जबकि डुमरांव निबंधन कार्यालय में एक भी दस्तावेज की रजिस्ट्री नहीं हुई। जबकि सामान्य दिनों में दोनों कार्यालयों को मिलाकर करीब 100 दस्तावेजों का निबंधन होता था। इससे प्रतिदिन सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी बड़ी कमी आने की बात सामने आ रही है।

नई व्यवस्था के चलते रजिस्ट्री कराने पहुंच रहे लोगों को भी तकनीकी प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के कारण इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था के अनुरूप आने वाले दस्तावेजों का निबंधन किया जा रहा है।जिला अवर निबंधक आसित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली लागू कर दी गई है। निबंधन के लिए कार्यालय में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे हैं, उनकी निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री की जा रही है।

