सिविल न्यायालय भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, केंद्रों के 200 मीटर दायरे में रही सख्ती
व्यवहार न्यायालय में परिचर एवं आदेशपाल के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा रविवार को बक्सर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर रखी थी। परीक्षा के दौरान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू रही, जिसके कारण केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, शोर-शराबा और अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण बना रहा।
-- दो पालियों में हुई परीक्षा, धारा-163 रही लागू, कुल 16,888 में 6,188 अभ्यर्थी हुए शामिल, किसी का निष्कासन नहीं
केटी न्यूज/बक्सर
व्यवहार न्यायालय में परिचर एवं आदेशपाल के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा रविवार को बक्सर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर रखी थी। परीक्षा के दौरान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू रही, जिसके कारण केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, शोर-शराबा और अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण बना रहा। जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के अनुसार जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और किसी भी परीक्षार्थी के निष्कासन की सूचना नहीं है।यह परीक्षा सिविल न्यायालयों में परिचर एवं चपरासी (सामान्य तथा आदेशपाल) के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन संख्या 04/2022 के अंतर्गत आयोजित की गई।

परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त आदेश के आलोक में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी। साथ ही महिला अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई।अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसी क्रम में केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। आदेश के अनुसार इस परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर रोक रही।

यह प्रतिबंध अभिभावकों और मीडिया कर्मियों पर भी लागू था, जबकि ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिसकर्मी तथा संबंधित कर्मचारी इससे मुक्त रखे गए थे।प्रशासन ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घातक हथियार या आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर भी रोक लगाई थी। साथ ही किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था, ताकि परीक्षा संचालन में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो। केंद्रों के आसपास धूम्रपान पर भी रोक रही। हालांकि धार्मिक कार्यक्रम, शवयात्रा और शादी-विवाह जैसे पारंपरिक आयोजनों को सामान्य छूट दी गई थी। बक्सर नगर, औद्योगिक तथा मुफस्सिल थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया था कि वे स्वयं पुलिस बल के साथ मौजूद रहकर परीक्षा संचालन में प्रशासन का सहयोग करें।रविवार को आयोजित परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई। पहली पाली में कुल 8,444 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 3,118 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 5,326 अनुपस्थित रहे।

इस पाली में किसी भी परीक्षार्थी के निष्कासन की सूचना नहीं मिली। इसी प्रकार दूसरी पाली में भी कुल 8,444 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई, जिनमें 3,070 उपस्थित हुए और 5,374 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी निष्कासित परीक्षार्थियों की संख्या शून्य रही।दोनों पालियों के आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो कुल 16,888 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इनमें से 6,188 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 10,700 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासनिक दृष्टि से यह राहत की बात रही कि पूरे जिले में कहीं से भी कदाचार, हंगामा, अव्यवस्था या परीक्षा बाधित होने जैसी कोई सूचना नहीं मिली। निष्कासन की संख्या शून्य रहने से यह भी संकेत मिला कि परीक्षा व्यवस्था अनुशासित और प्रभावी रही।परीक्षा केंद्रों के बाहर भी प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। अभ्यर्थियों की जांच, प्रवेश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक टीम मुस्तैद रही।

केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं जुटने दी गई, जिससे परीक्षार्थियों को समय पर प्रवेश और परीक्षा देने में सुविधा हुई। प्रशासन की इस सख्ती का सकारात्मक असर पूरे आयोजन पर दिखाई पड़ा।जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष जताया है। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षार्थियों, केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सभी संबंधित कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकी। प्रशासन ने आम नागरिकों और अभिभावकों के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया है।इस प्रकार व्यवहार न्यायालय में परिचर एवं आदेशपाल भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा बक्सर जिले में कड़े सुरक्षा प्रबंध, सख्त प्रशासनिक निगरानी और शांतिपूर्ण माहौल के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।

