केटी न्यूज, डुमरांव।
नगर के ट्रेनिंग स्कूल स्थित महाकाल मंदिर तलाब में दशहरा बाद मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जित करने के लिए चयनित किया गया था। लिहाजा उसी में कृत्रित तलाब का निर्माण किया गया था। सोमवार को मूर्ति विसर्जन उसी तलाब में किया गया। लगभग दो दर्जन मूर्ति शहर में रखी गई थी, जिसे विसर्जित करने का सिलसिला 2 बजे रात्रि तक चलता रहा। विसर्जित की गई मूर्ति का मलवा उस तलाब से हटाया नहीं गया है। उसे नहीं हटाए जाने से छठ पूजा करने वाले परिवार के सदस्य घाट बनाने के लिए पशोपेश में पड़े हुए हैं। मालूम हो कि छठ पूजा शहर के आधा दर्जन तलाबों में होती है, जिसमें महाकाल मंदिर में भी बहुत परिवार के सदस्य छठ पूजा करते हैं। दशहरा बाद लोग घाट को तैयार करने में जुट जाते हैं, क्योंकि उनको मालूम है कि तलाब के घाटों की स्थिति कैसी रहती है। छठिया पोखरा तलाब का घाट ही कुछ ठीकठाक है, अन्य की स्थिति जर्जर अवस्था में है, उसी में महाकाल मंदिर तलाब भी आता है। तलाब के सौंदर्यीकरण के लिए जगह-जगह गड्ढा किया गया है। खोदे गए गड्ढे की मिट्टी तलाब में ही मौजूद है, जिससे तलाब का अस्तित्व मिट गया है। इधर जिस तरफ कुछ स्थिति अच्छी थी तो उस तरफ मूर्ति विसर्जन के लिए गड्ढे की खुदाई कर उसमें पानी भरा गया था। लगभग दो दर्जन मूर्ति का विसर्जन तलाब में किया गया है। ऐसे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि मां दुर्गा के मूर्ति के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति भी रहती है, जिसका विसर्जन किया गया है। इसका अनुमान लगाया जा सकता है कि कितनी मूर्तियों का मलवा तलाब की सफाई नहीं होने से उसी में पड़ा हुआ है। इस सबंध में जब चेयरमैन सुनीता गुप्ता से बात की गई तो उन्होंन कहा कि सभी छठ घाटों की सफाई और समतलीकरण का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। किसी तलाब में गंदगी नहीं दिखाई देगी। आवश्यकता के अनुसार पानी भी भरा जाएगा।




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