इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने व आरओबी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

इटाढ़ी रेलवे गुमटी को तत्काल जनहित में खोलने तथा इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) प्रकरण की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग कांग्रेस नेताओं ने की है। बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे, जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष विनोद मौर्य तथा जिला किसान प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष संजय पांडे ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि आरओबी के उद्घाटन के महज 10 दिनों के भीतर उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने व आरओबी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

__ कांग्रेस नेताओं ने कहा- 10 दिन में क्षतिग्रस्त हुआ आरओबी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

केटी न्यूज/बक्सर

इटाढ़ी रेलवे गुमटी को तत्काल जनहित में खोलने तथा इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) प्रकरण की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग कांग्रेस नेताओं ने की है। बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे, जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष विनोद मौर्य तथा जिला किसान प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष संजय पांडे ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि आरओबी के उद्घाटन के महज 10 दिनों के भीतर उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।नेताओं ने कहा कि करीब 26.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना की ऐसी स्थिति केवल तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आरओबी के क्षतिग्रस्त होने से छात्र-छात्राओं, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आम लोगों को राहत देने के लिए इटाढ़ी रेलवे गुमटी को तत्काल प्रभाव से खोलकर आवागमन बहाल किया जाना चाहिए।उन्होंने मांग की कि निर्माण एजेंसी, गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अधिकारियों और तकनीकी स्वीकृति देने वाले अभियंताओं की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही निर्माण सामग्री, भुगतान अभिलेख, माप पुस्तिका और गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

संयुक्त बयान में नेताओं ने कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा जिलाधिकारी पर लगाए जा रहे आरोपों को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्तमान जिलाधिकारी के कार्यभार ग्रहण करने से काफी पहले शुरू हो चुकी थी, इसलिए बिना तथ्यों के उन पर आरोप लगाना उचित नहीं है। नेताओं ने जिलाधिकारी को संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रशासन का मनोबल गिराने के बजाय जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना चाहिए।उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार, रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से पूरे मामले की समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।