डीएम साहिला ने पीएम श्री विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, गंदगी और शौचालय व्यवस्था पर जताई नाराजगी
जिला मुख्यालय स्थित बक्सर प्रखंड के पीएम श्री विद्यालय प्लस टू इंदिरा उच्च विद्यालय में शनिवार को जिलाधिकारी साहिला ने औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जहां कक्षाओं में पठन-पाठन और शिक्षकों की उपस्थिति संतोषजनक मिली, वहीं विद्यालय की साफ-सफाई और शौचालय व्यवस्था पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।


__ शिक्षकों को छात्रों की समस्याएं व रुचि जानकर सुधार की बनाई रणनीति, बीईओ से मांगा जवाब
केटी न्यूज/बक्सर
जिला मुख्यालय स्थित बक्सर प्रखंड के पीएम श्री विद्यालय प्लस टू इंदिरा उच्च विद्यालय में शनिवार को जिलाधिकारी साहिला ने औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जहां कक्षाओं में पठन-पाठन और शिक्षकों की उपस्थिति संतोषजनक मिली, वहीं विद्यालय की साफ-सफाई और शौचालय व्यवस्था पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) से कारण पूछने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक और सभी वर्गों के शिक्षकों के साथ बैठक कर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियमित रूप से अपने-अपने वर्ग के छात्र-छात्राओं से संवाद करें और पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों की जानकारी लें।

प्राप्त सुझावों और समस्याओं के आधार पर अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।जिलाधिकारी ने शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक छात्र-छात्रा की रुचि और प्रतिभा की पहचान की जाए। जिन विद्यार्थियों की दिलचस्पी खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, लेखन या अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में है, उनके विकास के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होना चाहिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे सवाल-जवाब किए। पढ़ाई से जुड़े उनके प्रश्नों का छात्रों ने संतोषजनक उत्तर दिया, जिससे कक्षा संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया गया।

हालांकि विद्यालय परिसर और कक्षाओं की साफ-सफाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने तथा शौचालयों की संख्या अपर्याप्त पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा।निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

