एंबुलेंस नहीं मिलने पर रणक्षेत्र बना डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल, शीशे व स्टेचर टूटे, डॉक्टर व कर्मियों ने भागकर बचाई जान
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में समय से एंबुलेंस नहीं मिलने से नाराज एक मरीज के साथ आए सैकड़ो की तादात में युवक आक्रोशित हो बवाल मचाने लगे तथा अस्पताल में तोड़-फोड़ कर दिए। घटना शुक्रवार अपराह्न करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच की है। घटना के समय अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर श्रुति प्रकाश अपने चैंबर में जबकि इमरजेंसी में डॉक्टर लोकेश कुमार मौजूद थे।
-- सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी मरीज को समय से नहीं मिला एंबुलेंस, परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट व स्टेचर समेत कई उपकरणों को पहुंचाया नुकसान
-- घटना के बाद डॉक्टरों व कर्मियों में मच गई थी अफरा-तफरी, सुरक्षा की उठी मांग, बोली उपाधीक्षक नशे में थे अधिकतर लोग
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में समय से एंबुलेंस नहीं मिलने से नाराज एक मरीज के साथ आए सैकड़ो की तादात में युवक आक्रोशित हो बवाल मचाने लगे तथा अस्पताल में तोड़-फोड़ कर दिए। घटना शुक्रवार अपराह्न करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच की है। घटना के समय अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर श्रुति प्रकाश अपने चैंबर में जबकि इमरजेंसी में डॉक्टर लोकेश कुमार मौजूद थे।उपद्रवी तत्वों ने अस्पताल के मुख्य गेट तथा इमरजेंसी की तरफ जाने वाले कारिडोर में लगे गेट के शीशे, दो स्टेचर तथा कई अन्य उपकरण तोड़ दिए।

इसके बाद सभी उपाधीक्षक कक्ष की तरफ भी बढ़े। हालांकि स्थिति को भांप उपाधीक्षक डॉ. श्रुतिप्रकाश, इमरेजेंसी में तैनात डॉ. लोकेश कुमार समेत अन्य कर्मी अस्पताल छोड़ अनुमंडल कार्यालय में भाग अपनी जान बचाई। इस दौरान डीएस की सूचना पर पहुंची डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान कुछ मिनट बाद ही एंबुलेंस भी आ गई, जिस पर मरीज को लाद सभी उपद्रवी वहां से भाग खड़े हुए।

-- रेफर के बाद एंबुलेंस के लिए हुआ बवाल
इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश का कहना था कि सड़क दुर्घटना में जख्मी हो दो युवक आए थे, जिनका तत्काल प्राथमिक इलाज किया गया। इसमें दो युवकों को गंभीर चोटे आई थी तथा उसकी स्थिति चिंताजनक थी। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को रेफर कर दिया गया था। इसके बाद मरीज के परिजन एंबुलेंस बुलाने की मांग करने लगे। उपाधीक्षक ने बताया कि उनके कहने पर अस्पताल द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही थी, इसी दौरान सभी आक्रोशित हो गए तथा अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे। उपाधीक्षक का आरोप है कि अधिकांश युवक नशे की हालत में थे तथा किसी को बात नहीं सुन रहे थे।

-- अब पूरी घटना समझिए
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के चौकियां गांव के समीप एनएच 922 पर एक ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार बड़का ढकाईच गांव निवासी करण दूबे पिता निर्मल दूबे, भोला दूबे पिता स्व. सत्येन्द्र दूबे तथा एक अन्य युवक जख्मी हो गए। इनमें करण व भोला को गंभीर चोटे आई थी, जबकि तीसरा युवक आंशिक रूप से जख्मी था। इसकी जानकारी मिलते ही कृष्णाब्रह्म थाने की डायल 112 की टीम उन्हें लेकर डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। इमरेजेंसी में ड्यूटि कर रहे डॉ. लोकेश ने उनका प्राथमिक इलाज किया।

इस दौरान दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. लोकेश ने दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इस दौरान दुर्घटना की जानकारी मिलते ही दर्जनों बाइक पर सवाल युवक अस्पताल पहुंचे तथा एंबुलेंस नहीं मिलने पर बवाल मचाते हुए तोड़फोड़ की। कर्मियों का कहना है कि इस दौरान आक्रोशित युवक डॉक्टर व अस्पतालकर्मियों को भी टारगेट करना चाह रहे थे, लेकिन तबतक सभी सुरक्षित अनुमंडल कार्यालय में जा छिप गए थे। पुलिस के आने पर सभी अपने मरीज को लेकर भाग खड़े हुए। इस दौरान अस्पताल में देर तक अफरा-तफरी कायम रही।

-- डॉक्टरों को मिले पुख्ता सुरक्षा - डॉ. लोकेश
इस दौरान डॉ. लोकेश ने कहा कि ऐसे माहौल में मरीजों का इलाज संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक डॉक्टरों की सुरक्षा व अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की और कहा कि जबतक डॉक्टरों व अन्य कर्मियों की सुरक्षा पुख्ता नहीं होती है, तबतक ऐसे माहौल में मरीजों का इलाज कैसे होगा।
-- बोली उपाधीक्ष, मामले में दर्ज कराया जाएगा एफआईआर
इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. श्रुतिप्रकाश ने कहा कि मरीज के साथ आए युवकों का व्यवहार अमानवीय था, अधिकांश लोग नशे की हालत में थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तोड़-फोड़ किए जाने को ले एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
