जनता दरबार में जमीन विवादों की गूंज, अंचल कार्यालय बना न्याय की चौपाल
राजपुर प्रखंड के अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर जमीन विवादों के निपटारे का केंद्र बना। सीओ संतोष प्रितम के नेतृत्व में हुई इस सुनवाई में फरियादियों की लंबी कतार और वर्षों से लंबित विवादों की फेहरिस्त सामने आई। जनता दरबार में कुल पांच मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें अधिकांश प्रकरण रैयती जमीन, कबाला और आपसी दावों से जुड़े रहे।
-- सीओ के नेतृत्व में सुनवाई, कई मामलों में नोटिस, जांच के निर्देश, कुछ विवाद न्यायालय को सौंपे गए
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड के अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर जमीन विवादों के निपटारे का केंद्र बना। सीओ संतोष प्रितम के नेतृत्व में हुई इस सुनवाई में फरियादियों की लंबी कतार और वर्षों से लंबित विवादों की फेहरिस्त सामने आई। जनता दरबार में कुल पांच मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें अधिकांश प्रकरण रैयती जमीन, कबाला और आपसी दावों से जुड़े रहे।सुनवाई के दौरान धनसोई थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव से पहुंचे गोविंद जी साह और सीताराम साह के बीच रैयती जमीन पर कबाला को लेकर चला आ रहा वर्षों पुराना विवाद प्रमुखता से उठा।दोनों पक्षों ने अपने-अपने कागजात प्रस्तुत किए। दस्तावेजों के अवलोकन के बाद सीओ ने स्पष्ट किया कि विवादित भूमि अंचल क्षेत्राधिकार से बाहर की प्रतीत हो रही है, ऐसे में न्यायालय का रुख करना ही उचित होगा।

इस पर दोनों पक्षों को न्यायालय में वाद दायर करने का सुझाव देकर मामला अग्रसारित कर दिया गया।इसी गांव से जुड़े एक अन्य विवाद में मीना देवी और जगजीवन राम के बीच जमीन को लेकर खींचतान सामने आई। इस मामले में सीओ ने संबंधित राजस्व कर्मी को स्थल जांच कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि अगली सुनवाई में निष्पक्ष निर्णय लिया जा सके।धनसोई निवासी अतवरिया देवी और भीरू राम के बीच चल रहे जमीन विवाद में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया। नोटिस के जरिए आवश्यक कागजातों के साथ अगली तिथि पर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है, ताकि मामले की विधिवत जांच की जा सके।

वहीं, राजपुर थाना क्षेत्र के बारूपुर गांव के रामनिवास राय और इंदेलाल राय के बीच चल रहे जमीन विवाद में प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की गई। दस्तावेजों में स्पष्टता के अभाव को देखते हुए दोनों पक्षों को अगली सुनवाई में पूर्ण कागजातों के साथ उपस्थित होने का नोटिस थमाया गया।जनता दरबार के दौरान सीओ संतोष प्रितम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य विवादों का निष्पक्ष, त्वरित और कानूनसम्मत समाधान है। उन्होंने फरियादियों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आएं और प्रशासन का सहयोग करें। जनता दरबार में पारदर्शी सुनवाई से लोगों में न्याय की उम्मीद और विश्वास दोनों मजबूत होते दिखे।

