खुले बिजली तार बने काल: करंट से दो मासूमों की मौत, मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिलाफतपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। निर्माणाधीन सड़क परियोजना के समीप खुले पड़े बिजली तार की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई।


__ निर्माणाधीन सड़क के पास पुलिया के नीचे गुजर रहे 440 वोल्ट के तार की चपेट में आए बच्चे, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और विभागीय लापरवाही को बताया जिम्मेदार
केटी न्यूज/चौसा
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिलाफतपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। निर्माणाधीन सड़क परियोजना के समीप खुले पड़े बिजली तार की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चौसा यादव मोड़ तिमुहानी के पास सड़क जाम कर प्रशासन तथा संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की।जानकारी के अनुसार, बक्सर थर्मल पावर प्लांट से जुड़े कोयला डिपो के पास सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी क्षेत्र में एक पुलिया के नीचे से 440 वोल्ट का विद्युत तार गुजर रहा था।

ग्रामीणों का आरोप है कि तार खुले और असुरक्षित अवस्था में लंबे समय से पड़ा था, लेकिन इसे सुरक्षित बनाने के लिए न तो बिजली विभाग ने कोई कदम उठाया और न ही निर्माण एजेंसी ने आवश्यक सावधानियां बरतीं।मंगलवार को खिलाफतपुर महादलित बस्ती निवासी 10 वर्षीय रोहित कुमार और 12 वर्षीय सुभाष कुमार खेलते-खेलते पुलिया के नीचे पहुंच गए। वहां मौजूद खुले बिजली तार की चपेट में आने से दोनों बच्चों को जोरदार करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा दो मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते खुले तारों को सुरक्षित किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।घटना से नाराज ग्रामीणों ने चौसा यादव मोड़ तिमुहानी के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन, विद्युत विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक बच्चों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराने तथा पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब आधे घंटे बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।मुफस्सिल थाना के अपर थानाध्यक्ष चन्दन कुमार ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर बिजली सुरक्षा और निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

