पेपर लीक के विरोध में डुमरांव में वाम संगठनों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में सोमवार को डुमरांव नगर में भाकपा माले, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला गया।

__ आइसा-आरवाईए व भाकपा माले ने निकाला आक्रोश मार्च, एनटीए में सुधार और आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की उठाई मांग
केटी न्यूज/डुमरांव
राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में सोमवार को डुमरांव नगर में भाकपा माले, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त बैनर तले आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए जुलूस नगर पालिका परिसर के समीप सभा में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का संचालन भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार ने किया। सभा को आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह, भाकपा माले नेता धर्मेंद्र यादव, सर्वेश पांडेय तथा सीपीआई नेता केदार यादव समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। साथ ही, आंदोलनकारी छात्रों और अनशन पर बैठे प्रतिनिधियों से सरकार को शीघ्र संवाद स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।सभा में वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के प्रति सरकार का रवैया संवेदनशील नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति-2020 की समीक्षा, पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।प्रदर्शन के दौरान "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो", "एनटीए में सुधार करो", "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता करो" जैसे नारे लगाए गए।कार्यक्रम में आइसा जिला सचिव अखिलेश ठाकुर, लक्ष्मण भारती, बाबूलाल राम, प्रभात, रिंकू कुरैशी, पीयूष यादव, मुखिया कृष्णा राम, देवेंद्र कुशवाहा, बंटी पटेल, मनोज राम, अखलाक, अरविंद यादव, शैलेन्द्र पासवान, नासिर हसन, ऊषा देवी, पूजा कुमारी, ललन राम, शंकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

