पहले ही प्रयास में सोनवर्षा की मधु ने लहराया सफलता का परचम, बनीं राजस्व अधिकारी
बक्सर जिले के सोनवर्षा गांव की बेटी मधु कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर सफलता की नई कहानी लिखी है। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मधु कुमारी ने प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल करते हुए राजस्व अधिकारी का पद प्राप्त किया है।

__ स्वाध्याय के दम पर हासिल की 70वीं बीपीएससी में सफलता, 7-8 घंटे की नियमित पढ़ाई और परिवार के सहयोग को दिया श्रेय
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिले के सोनवर्षा गांव की बेटी मधु कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर सफलता की नई कहानी लिखी है। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मधु कुमारी ने प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल करते हुए राजस्व अधिकारी का पद प्राप्त किया है। उन्होंने इस परीक्षा में 764वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।मधु कुमारी ग्राम सोनवर्षा, पोस्ट सोनवर्षा, थाना औद्योगिक क्षेत्र, जिला बक्सर की रहने वाली हैं। उनके पिता मिथिलेश मिश्रा पत्रकार हैं, जबकि माता मीरा देवी हैं। मधु की सफलता की जानकारी उनके भाई और सामाजिक कार्यकर्ता अमित मिश्रा ने दी।

उन्होंने बताया कि मधु ने पूरी तैयारी अपने घर बक्सर से ही स्वाध्याय (सेल्फ स्टडी) के माध्यम से की और अपने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल कर लिया।मधु की प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मेल स्कूल, हजारीबाग से हुई। वर्ष 2017 में उन्होंने वहीं से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2019 में संत जेवियर्स स्कूल, हजारीबाग से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2022 में लक्ष्मीबाई कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की।बीपीएससी की तैयारी के दौरान मधु ने नियमित अध्ययन को अपनी सफलता का आधार बनाया। वह प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के बल पर यह सफलता प्राप्त की।

मधु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पूरे परिवार को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और प्रेरणा से ही वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकीं। उनका लक्ष्य ईमानदारी पूर्वक लोक सेवा करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अंत्योदय के सिद्धांत पर काम करना है।उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत और धैर्य बनाए रखें। दृढ़ता और स्थिरता सफलता का मूल मंत्र है। लगातार प्रयास करने वालों को एक दिन निश्चित रूप से सफलता मिलती है।मधु की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है।

