डुमरांव में मुख्य पथ व स्कूल समेत सभी मार्गों पर खुलेआम हो रही है मांस-मछली की बिक्री, नगर परिषद मौन

डुमरांव कटे मांस व मछली की बिक्री पर रोक नहीं लगाया जा सका है। डुमरांव नगर परिषद बोर्ड की पिछली बैठक में शहरी क्षेत्र में कटे मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, जबकि राज्य सरकार पहले ही खुले में तथा स्कूल-मंदिर, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा सार्वजनिक जगहाें के समीप कटे मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने का गाइड लाइन जारी किया था। बावजूद डुमरांव में नगर परिषद प्रशासन की सुस्ती से राज्य सरकार का निर्देश बेअसर साबित हो रहा है।

डुमरांव में मुख्य पथ व स्कूल समेत सभी मार्गों पर खुलेआम हो रही है मांस-मछली की बिक्री, नगर परिषद मौन

-- बोर्ड की पिछली बैठक में पास हुआ था खुले में कटे मांस की बिक्री रोकने का प्रस्ताव, राज्य सरकार के निर्देश का भी नहीं हो रहा है पालन

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव कटे मांस व मछली की बिक्री पर रोक नहीं लगाया जा सका है। डुमरांव नगर परिषद बोर्ड की पिछली बैठक में शहरी क्षेत्र में कटे मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, जबकि राज्य सरकार पहले ही खुले में तथा स्कूल-मंदिर, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा सार्वजनिक जगहाें के समीप कटे मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने का गाइड लाइन जारी किया था। बावजूद डुमरांव में नगर परिषद प्रशासन की सुस्ती से राज्य सरकार का निर्देश बेअसर साबित हो रहा है। बता दें कि डुमरांव में मांस-मछली बेचने के लिए किसी के विक्रेता के पास लाइसेंस नहीं है, बावजूद अकेले डुमरांव स्टेशन रोड में एक दर्जन जगहों पर सड़क किनारे खुलेआम मांस मछली की बिक्री की जा रही है, लेकिन नगर परिषद प्रशासन उनपर कार्रवाई के बजाय मौन साधे हुए है। जिससे खुले में कटे मांस-मछली बेचने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है। 

-- राज हाई स्कूल तथा महाराजा पेट्रोल पंप के समीप है सबसे खराब स्थिति 

खुले में कटे मांस-मछली को लेकर सबसे खराब स्थिति स्टेशन रोड में राज हाई स्कूल तथा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित महाराजा पेट्रोल पंप के पास की है। बता दें कि राज हाई स्कूल के पास सप्ताह में दो दिन जबकि महाराजा पेट्रोल पंप के समीप हर दिन कटे मांस की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। बता दें कि राज हाई स्कूल के समीप ही कई निजी विद्यालय है, इसके अलावे शहर के इकलौते महिला कॉलेज सुमित्रा महिला कॉलेज जाने का मुख्य रास्ता भी यही से शुरू होता है। जहां हर दिन हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते है। वहीं, स्टेशन के समीप महाराजा पेट्रोल पंप के अलावे पंच मंदिर है, जहां कई वार्ड के लोग हर दिन सुबह व शाम में पूजा-अर्चना करने आते है, जिन्हें सड़क किनारे खुले में काटे जाने वाले मुर्गा तथा बकरे से परेशानी होती है। नगर परिषद प्रशासन की सुस्ती से लोगों में गहरा आक्रोश है। 

-- शहर के कई अन्य जगहाें पर खुलेआम होता है कटे मांस की बिक्री

डुमरांव में सिर्फ राज हाई स्कूल या महाराजा पेट्रोल पंप के समीप ही नहीं बल्कि स्टेशन रोड में लालगंज कड़वी, महरौरा मोड़, नया थाना के समीप, हरिजी के हाता के समीप, पुराने नगर परिषद कार्यालय व व्यापार मंडल के समीप सड़क किनारे खुले में कटे मांस-मछली की बिक्री की जाती है। इसके अलावे राजगोला, जंगल बाजार समेत कई इलाके भी है, जहां सुबह से शाम तक कटा मांस-मछली बेचा जाता है। 

-- किसी विक्रेताओं के पास नहीं है लाइसेंस

बता दें कि डुमरांव के शहरी क्षेत्र में कटे मांस-मछली की बिक्री के लिए किसी विक्रेता के पास लाइसेंस नहीं है। नगर परिषद प्रशासन ने न सिर्फ इसकी पुष्टि की है, बल्कि यह भी निर्देश दिया है कि कटे मांस-मछली की बिक्री करने वाले विक्रेता अपना लाइसेंस करवा ले, बावजूद अबतक किसी भी विक्रेता ने लाइसेंस नहीं लिया है। 

-- क्या कहते है ईओ 

इस संबंध में डुमरांव नगर परिषद के ईओ राहुलधर दूबे ने बताया कि कटे में मांस-मछली बेचने वालों को चिन्हित कर लिया गया है, उन्हें दो बार नोटिस दिया जा चुका है। बुधवार को फिर से नोटिस थमाया जाएगा तथा इसका उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं से जुर्माना वसूला जाएगा।