राज हाई स्कूल में एनसीसी कैडेट्स चयन प्रक्रिया संपन्न, शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद हुआ चयन

राज हाई स्कूल, डुमरांव के प्रांगण में बुधवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के नए सत्र के लिए ट्रूप संख्या 134 एवं 135 के कैडेट्स के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। चयन कार्यक्रम 30 बिहार बटालियन एनसीसी, बक्सर के समादेशी पदाधिकारी कर्नल हेमंत वेलवाल के नेतृत्व तथा राज हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्रा की देखरेख में आयोजित किया गया।

राज हाई स्कूल में एनसीसी कैडेट्स चयन प्रक्रिया संपन्न, शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद हुआ चयन

__ 30 बिहार बटालियन एनसीसी बक्सर की देखरेख में ट्रूप संख्या 134 एवं 135 के लिए नए सत्र के कैडेट्स चुने गए, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का दिया गया संदेश

केटी न्यूज/डुमरांव

 राज हाई स्कूल, डुमरांव के प्रांगण में बुधवार को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के नए सत्र के लिए ट्रूप संख्या 134 एवं 135 के कैडेट्स के चयन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। चयन कार्यक्रम 30 बिहार बटालियन एनसीसी, बक्सर के समादेशी पदाधिकारी कर्नल हेमंत वेलवाल के नेतृत्व तथा राज हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्रा की देखरेख में आयोजित किया गया।चयन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न चरणों में किया गया, जिसमें लंबाई मापन, दौड़, पुश-अप तथा अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षण शामिल थे। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।अंतिम चरण में लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसके आधार पर नए सत्र के लिए योग्य कैडेट्स का अंतिम चयन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान 30 बिहार बटालियन एनसीसी, बक्सर के सूबेदार महेश प्रसाद, सूबेदार अरविंद सिंह एवं हवलदार हरेंद्र कुमार ने चयन प्रक्रिया का संचालन किया। वहीं, राज हाई स्कूल के एनसीसी पदाधिकारी डॉ. संजय रंजन सिन्हा ने भी पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई और अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया।इस अवसर पर एनसीसी पदाधिकारी डॉ. संजय रंजन सिन्हा ने बताया कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को मिलिट्री साइंस की मूलभूत जानकारी, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि एनसीसी का मूल उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, एकता, नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बन सकें। उन्होंने बताया कि "एकता और अनुशासन" एनसीसी का मूल मंत्र है, जिसे प्रत्येक कैडेट अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करता है।चयन प्रक्रिया के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल रहा। सफल अभ्यर्थियों ने एनसीसी में चयन होने पर खुशी व्यक्त की तथा भविष्य में देश और समाज की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लिया।